वाराणसी। ओवरलोड वाहनों से टोल वसूली में जुर्माने की राशि कम होने के बाद ओवरलोड वाहनों की संख्या में तेजी से बढ़ी है। इससे टोल प्लाजा की वसूली में करीब 20 फीसदी तक तक कम हो गई है। उधर, टोल प्लाजा प्रबंधन की ओर से हर दिन ओवरलोड वाहनों की सूची परिवहन विभाग को भेजी जाती है। मगर, प्रवर्तन दल की लापरवाही के चलते ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई नहीं हो रही है।
सड़कों पर ओवरलोड वाहनों पर अंकुश लगाने के लिए केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने टोल पर ओवरलोड वाहनों से दस गुना के जुर्माने का प्रावधान किया था। मगर, जनवरी महीने में ही इस जुर्माने को दो गुना ही कर दिया गया है। इसके बाद टोल प्लाजा की औसत वसूली 60 लाख रुपये से घटकर 44 लाख रुपये तक पर पहुंच गई है। ओवरलोडिंग करने वाले फिर से 9 टन की पासिंग पर 15 टन, 12 टन की पासिंग पर 20 टन, 15 टन की पासिंग पर 20 टन से ऊपर माल लोडकर ढुलाई शुरू कर दी है। इसके पहले ओवरलोडिंग पर दस गुना वसूली होने पर ओवरलोडिंग करने वाले अंडरवेट माल लाद कर ढुलाई करते थे। ओवर लोड चलने वालों में गिट्टी, मोरंग बालू, गंगा बालू, बोल्डर, कोयला गाड़ियां हैं। डाफी टोल प्लाजा के मैनेजर जयराज सिंह ने बताया कि ओवरलोडिंग करने वालों से दस गुना की जगह दो गुना वसूली करने की छूट मिलने के बाद ओवरलोड वाहनों की संख्या भी बढ़ी है।
भेजी जाती है रोजाना एक हजार वाहनों की सूची
टोल प्लाजा से गुजरने वाले ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई के लिए उनके नंबर और वाहनों की फोटो के साथ रोजाना एक हजार से 12 सौ वाहनों की सूची परिवहन विभाग को भेजी जाती है। आरटीओ हरिशंकर सिंह का कहना है कि ज्यादातर वाहनों के नंबर प्लेट गलत होने से कार्रवाई नहीं हो पा रही है। प्रर्वतन टीम को टोल प्लाजा पर तैनात कर अभियान चलाया जाएगा।