किसी को 25 मिनट, तो किसी को ढाई घंटे में हुए दर्शन
गोरखपुर के बड़हलगंज निवासी विजय सिंह ने कहा कि दर्शन अच्छा रहा, लेकिन काफी समय लगा। भक्तों की काफी भीड़ थी। अंदर पानी और पंखों की व्यवस्था थी। मऊ से आए महेंद्र सिंह ने कहा कि भीड़ अधिक होने के कारण दर्शन में काफी समय लगा। यदि सीढ़ियों पर भी चटाई बिछ जाती तो पैरों को गर्मी से राहत मिलती।
पीने के लिए पानी की भी व्यवस्था थी। मध्य प्रदेश से आए श्रद्धालु राहुल साहनी ने बताया कि उन्होंने बिना टिकट आम श्रद्धालुओं की तरह लाइन में लगकर दर्शन किया। उन्हें करीब 25 मिनट तक कतार में लगना पड़ा। आगरा के मनोज गुप्ता ने बताया कि उन्हें दर्शन के लिए करीब ढाई घंटे तक लाइन में खड़ा रहना पड़ा।
सीढ़ियों पर मैट बिछाने से फिसलन बढ़ने की आशंका रहती है। इससे भक्तों के गिरने या लड़खड़ाने की समस्या हो सकती है। इसी कारण सीढ़ियों पर यह व्यवस्था नहीं की जा रही है। मई और जून के दौरान अब तक मंदिर में एक करोड़ 40 हजार से ज्यादा श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। यूट्यूब पर लाइव लाइन दर्शन की सुविधा भी उपलब्ध है। - विश्वभूषण मिश्रा, सीईओ, श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर