विश्वविद्यालय में सामान्य दिनों में कार्यालय और अधिकांश विभाग सुबह 10 बजे खुलते हैं लेकिन बृहस्पतिवार को सुबह 8 बजते बजते सभी विभाग खुल गए थे। राज्यपाल के ओएसडी पंकज एल जॉनी विश्वविद्यालय पहुंचे और शिक्षाशास्त्र, विधि विभाग, मनोविज्ञान, समाजशास्त्र, प्रबंध संस्थान सहित अन्य विभागों के एक-एक कमरे में गए। यहां उन्होंने विभागाध्यक्षों से शिक्षकों की संख्या, छात्रों की पढ़ाई की व्यवस्था, उनके क्लास चलने के समय आदि के बारे में जाना।
उन्होंने कुलसचिव डॉ. सुनीता पांडेय, परीक्षा नियंत्रक डॉ. दीप्ति मिश्रा सहित अन्य लोगों से समय-समय पर संबंधित सुविधाओं की मानीटरिंग निगरानी करते रहने को कहा। पुस्तकालय में उस जगह पर भी गए जहां आजादी के समय काशी विद्यापीठ से जुड़ी कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और सामानों को संजोकर रखा गया है, ओएसडी ने इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रयासों को सराहा।
क्रीड़ा परिषद और छात्रावास की व्यवस्था से नाराज
निरीक्षण के दौरान ओएसडी क्रीड़ा परिषद भवन देखकर नाराज हो गए। कहा कि यहां न केवल खेल मैदान को सही करवाना चाहिए बल्कि यहां ट्रैक बनाना चाहिए। जिम में मशीनें भी खराब हो रही हैं, यह चिंता का विषय है।
संस्कृत विश्वविद्यालय में भी निरीक्षण कर जानी सुविधाएं
काशी विद्यापीठ से निकलकर ओएसडी संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में भी गए। यहां भी उन्होंने अधिकारियों के साथ छात्रावासों सहित अन्य जगहों का निरीक्षण कर सुविधाओं की जानकारी ली। विश्वविद्यालय के छात्रावासों में रहने वाले छात्रों की जानकारी समय-समय पर अपडेट करने, शिक्षकों से संवाद करने, सुविधाओं पर विशेष ध्यान देते रहने के साथ ही पुस्तकालय, सरस्वती भवन में पांडुलिपियों का संरक्षण करने पर विशेष ध्यान देते रहने को कहा।