तीन अगस्त 1991 को लहुराबीर स्थित आवास के गेट पर ही अवधेश राय की फायरिंग कर हत्या कर दी गई थी। अजय राय ने मुख्तार अंसारी, पूर्व विधायक अब्दुल कलाम, भीम सिंह, कमलेश सिंह व राकेश न्यायिक समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसी मुकदमे में पिछले तिथि को पूर्व विधायक से जिरह का अवसर समाप्त होने के बाद अदालत ने गवाह विजय कुमार पांडेय को समन देकर अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया था। इस बीच यह जानकारी हुई कि उक्त मुकदमे में मूल केस डायरी नहीं है। मूल केस डायरी इसी मामले से संबंधित इलाहाबाद न्यायालय में विचाराधीन एक अन्य मुकदमे सरकार बनाम राकेश न्यायिक व अन्य के पत्रावली में लगी है।
इस पर अदालत में विचाराधीन इस मुकदमे में पत्रावली में केस डायरी नहीं होने के चलते अभियोजन की ओर से इलाहाबाद न्यायालय में विचाराधीन सरकार बनाम राकेश न्यायिक व अन्य के मुकदमे से केस डायरी मंगवाने के लिए प्रार्थना पत्र देकर अदालत से अनुरोध किया। जिस पर अदालत ने अभियोजन के नोडल अधिकारी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से मूल केस डायरी से सत्य प्रतिलिपि लाकर अदालत में दाखिल करने का आदेश दिया था। इस आदेश के अनुपालन में जब चेतगंज थाना प्रभारी इलाहाबाद न्यायालय में केस डायरी की सत्य प्रतिलिपि लेने पहुंचे तो ज्ञात हुआ कि उक्त पत्रावली में भी फोटो स्टेट केस डायरी लगी है। जिस पर उन्होंने उसी से फोटो स्टेट केस डायरी की फोटो स्टेट प्रमाणित कराकर उसे यहां की कोर्ट में लाकर दाखिल करते हुए न्यायालय को यह जानकारी दी।