दीनदयाल अस्पताल में करीब डेढ़ साल बाद ओपीडी और इमरजेंसी सेवा सोमवार से बहाल हो गई। पहले दिन 355 मरीजों ने परामर्श लिया। यहां पहले से बने कोविड वार्ड को आरक्षित रखने का निर्णय लिया गया है। फिलहाल केवल बुखार, डेंगू और संभावित डेंगू के मरीज ही भर्ती करेंगे।
कोरोना की पहली और दूसरी लहर में संक्रमित मरीजों को भर्ती करने के लिए ही दीनदयाल अस्पताल को कोविड अस्पताल बनाया गया था। तभी से यहां ओपीडी, इमरजेंसी सहित अन्य सेवाएं ठप थीं। अब कोरोना संक्रमण दर में कमी आई और केवल दो ही मरीज एक्टिव हैं, ऐसे में दीनदयाल अस्पताल में फिर से सेवा को बहाल कर दिया गया है।
इस बारे में सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि अधिक से अधिक मरीजों को सेवाओं का लाभ मिल सके, इसके लिए ओपीडी में समय का पालन करने का निर्देश दिया गया है। सोमवार को सुबह पंजीकरण काउंटर पर पर्चा कटाकर सारनाथ, पहड़िया, आशापुर, नदेसर, कैंट, राजाबाजार, अर्दली बाजार, फुलवरिया, पांडेयपुर, भोजुबीर आदि जगहों के मरीज चिकित्सक को दिखाने पहुंचे। इसमें सबसे अधिक भीड़ फिजीशियन, बाल रोग विभाग की ओपीडी में दिखी। कोई बुखार से परेशान था किसी को पेट संबंधी बीमारी थी।