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डॉक्टरों के तबादले से ओपीडी बेपटरी, मरीजों की परेशानी

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वाराणसी। जिले के सरकारी अस्पतालों में बड़े पैमाने पर चिकित्सकों का तबादला तो कर दिया गया है लेकिन उनकी जगह पर स्थानांतरित चिकित्सक के न आने से ओपीडी व्यवस्था बेपटरी हो गई है। दीनदयाल अस्पताल में जहां सात चिकित्सकों का तबादला हुआ है, वहीं महिला अस्पताल में भी चार चिकित्सक स्थानांतरित हुए हैं। अब प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने जब तबादले पर सवाल खड़ा किया है तो स्थानीय स्तर पर भी आईएमए और पीएमएस के सचिव ने भी इसको सही ठहराया है।
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हाल में वाराणसी समेत प्रदेश भर में चिकित्सकों के तबादले हुए हैं। इसमें दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल में फिजिशियन, आर्थो सर्जन समेत सात लोगों को दूसरे जिलों में भेजा गया है। अभी इनकी जगह पर कोई नया चिकित्सक नहीं आया है। यहां सबसे अधिक परेशानी बाल रोग, चेस्ट फिजिशियन को दिखाने वालों का है। उधर जिला महिला अस्पताल कबीरचौरा में एक स्त्री रोग विशेषज्ञ, पैथालॉजिस्ट डॉ. संजीव वर्मा, एनेस्थेसिस्ट सुभाष सिंह समेत चार लोगों का तबादला हुआ है। महिला अस्पताल में तो कोई पैथालॉजिस्ट हीं नहीं बचा है। ऐसे में मरीजों की परेशानी बढ़ती जा रही है।
तबादला नीति का पालन करना बहुत जरूरी : डॉ.आरएन सिंह
आईएमए और पीएमएस वाराणसी शाखा के सचिव डॉ. आरएन सिंह ने कहा कि पीएम के संसदीय क्षेत्र होने की वजह से आए दिन यहां वीवीआईपी दौरे भी होते रहते हैं। इसमें भी चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई जाती है। एक तो पहले से ही चिकित्सकों की कमी है, दूसरे बड़े पैमाने पर तबादला किया गया और इनकी जगह कोई चिकित्सक नहीं आया है। चिकित्सकों के तबादले में तबादला नीति का पालन किया जाना बहुत जरूरी है। प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से मांग है कि मरीजों के हित में तबादला नीति का पालन कराने के साथ ही चिकित्सकों की कमी को भी पूरा करने की दिशा में कार्रवाई कराएं, जिससे मरीजों को लाभ हो।
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