उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि शिक्षा विभाग में नियुक्तियों में पारदर्शिता बरती जाए। फर्जी नियुक्ति पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। संस्कृत विद्यालयों में योग्य शिक्षकाें की भर्ती की जाए और इसके लिए नियमावली के अनुरूप चयन समिति में विशेष रखे जाएं। नियुक्ति में किसी तरह का दबाव नहीं हो, हर कार्य पारदर्शिता, निष्पक्षता व नियमानुसार हो।
सर्किट हाउस में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय व शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान उप मुख्यमंत्री ने शिक्षकों के चयन में गवर्नर प्रक्रिया को अपनाने का निर्देश दिया। कहा कि भर्ती चयन के लिए विज्ञापन व्यापक प्रसार वाले समाचार पत्रों में ही प्रकाशित कराएं।
बनारस के विश्वविद्यालय रिसर्च प्रोजेक्ट के साथ ही सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रस्ताव भी भेजें। इस साल हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में प्रमोट होने वाले बच्चाें को दाखिले से वंचित न होने दें। उप मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालयों से शासन पर लंबित कार्यों की सूची भी मांगी। कोरोना संक्रमण से मरने वाले वित्त विहीन संविदा शिक्षक और कर्मचारियों की सूची तैयार करने तथा उन्हें विश्वविद्यालय द्वारा दी जाने वाली सहायता राशि की विवरण सहित रिपोर्ट भेजने को कहा। डॉ. शर्मा ने समस्त जिला विद्यालय निरीक्षकों को सचेत किया कि अनियमित नियुक्ति कतई नहीं की जाए।
कोरोना संक्रमण की वजह से भले ही स्कूल-कॉलेज बंद थे, ऑफलाइन कक्षाएं नहीं चल पाईं, लेकिन शिक्षकों ने ऑनलाइन क्लास चलाकर छात्रों की पढ़ाई जारी रखी। उनका यह प्रयास अविस्मरणीय है। सरोजा पैलेस में शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित सम्मान समारोह में डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने शिक्षकों को सम्मानित कर उनका हौसला बढ़ाया। समारोह में प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षण संस्थानों आदि से जुड़े 2000 शिक्षक सम्मानित किया गया।
समारोह में डिप्टी सीएम ने कहा कि शिक्षक कभी भी सेवानिवृत्त नहीं होता है। वर्तमान सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में जिस तरह से कायाकल्प, प्रेरणा योजना आदि के माध्यम से गुणात्मक सुधार किया गया है, उससे शिक्षा का स्तर बढ़ा है। शिक्षक एवं शिक्षिकाओं की समस्याओं का प्राथमिकता पर समाधान सुनिश्चित कराया गया है। उन्होंने कहा कि अगर शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए कोई सुझाव हो तो सीधे उन्हें पत्राचार से सुझाव भेजा जा सकता है। जो 70 सालों में नहीं हुआ, उसे वर्तमान सरकार ने कर दिखाया है।
उन्होंने कहा, एनसीईआरटी की तर्ज पर सरकारी विद्यालयों में बच्चों का पठन-पाठन सुनिश्चित कराया जा रहा है। आज सरकारी प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों का स्तर इतना ऊंचा उठ गया है कि यहां दाखिले के लिए लोगों में विशेष रुचि एवं भागमभाग मची है।
उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने बाबा विश्वनाथ का दर्शन किया और धाम के कार्यों का भी जायजा लिया। काशी विश्वनाथ धाम में चल रहे कार्यों के बारे में धर्मार्थ कार्य मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने सविस्तार जानकारी दी। उन्होंने उप मुख्यमंत्री को अंगवस्त्रम, बाबा का प्रसाद व स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया। मंदिर में उपमुख्यमंत्री ने षोडशोपचार दर्शन पूजन किया और गर्भगृह से निकलने के बाद मंदिर के स्वर्ण शिखर को नमन किया।