निदेशक ने बताया कि परीक्षा में पारदर्शिता लाने के लिए भारतीय सेना की वेबसाइट को डिजि लॉकर से जोड़ा गया है। जो भी अभ्यर्थी अग्निवीर भर्ती के लिए आवेदन कर रहे हैं, उनका डिजि लॉकर होना जरूरी है। फाॅर्म भरते समय उनके डिजि लॉकर से प्रमाण पत्रों का मिलान किया जाएगा।
निदेशक ने बताया कि परीक्षा में किसी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका नहीं है। ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) और नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) का आयोजन कराने वाली एजेंसी ही अग्निवीर की भर्ती परीक्षा कराएगी। एक सीट के सापेक्ष 15 युवाओं का चयन किया जाएगा।
चयनित अभ्यर्थी आगे की भर्ती प्रक्रिया में शामिल होंगे। अग्निवीर भर्ती में साढ़े सत्रह से 21 वर्ष के युवा ही आवेदन कर सकते हैं। पिछली बार उम्र सीमा में दो वर्ष की छूट दी गई थी। अब तक पूर्वांचल के 15 हजार से ज्यादा युवा अग्निवीर भर्ती की ऑनलाइन परीक्षा के लिए आवेदन कर चुके हैं।