पहले रोज 15 किलो गोश्त आसानी से बेच लेते थे। प्याज और लहसुन के दाम बेतहाशा बढ़े तो अब छह किलो गोश्त बेचना भी मुश्किल हो गया है। ग्राहक बैठते ही पूछते हैं कि प्याज है या नहीं। - बिरजू यादव, रेस्टोरेंट संचालक, पहड़िया
प्याज की बढ़ी कीमत की वजह से रोजाना घाटा हो रहा है। ग्राहक को पुरानी कीमत में ही खाद्य सामग्री चाहिए। तेजी से बढ़ी प्याज और लहसुन की कीमत ने हमारा हिसाब गड़बड़ कर दिया है। - अभिषेक सिंह राजू, ढाबा संचालक, अमरा अखरी