वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी रश्मि दुबे ने बताया कि 14 अगस्त को इस मामले कि शिकायत मिलने के बाद से कार्रवाई शुरू की गई। इसके बाद लड़की के माता-पिता के साथ ही उसके ससुराल वालों को सेंटर में बुलाकर बाल विवाह कानून के बारे में समझाया गया।
दोनों पक्षों को अपनी गलती का एहसास हुआ और रिश्ते तोड़ने का मायके और ससुराल वालों ने केंद्र में लिखित समझौता किया, लेकिन उसकी शादी को ‘शून्य’ घोषित करने की कानूनी औपचारिकताएं भी पूरी करा दी गई है ताकि भविष्य में उसे कोई परेशानी का सामना न करना पड़े।