बीएचयू के भारत अध्ययन केंद्र में 4 नवंबर से प्रवासी भारतीय पर शॉर्ट टर्म कोर्स की शुरुआत हो रही है। एक महीने के कोर्स में विदेशों में बसे ‘मिनी भारत’ के बारे में पढ़ाया जाएगा।
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से लेकर यूएसए, दक्षिण अफ्रीका, फिजी और सिंगापुर के प्रोफेसर बीएचयू में क्लासेज चलाएंगे। रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख 31 अक्तूबर है। ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों मोड में कोर्स चलेगा। क्लासेज शाम को चार से 5 बजे तक 29 नवंबर तक चलेगी। 200 साल के इतिहास में प्रवासियों की प्रासंगिकता और अहमियत पर होने वाला भारत का यह पहला कोर्स है। इसका पूरा नाम है ‘प्रवासी भारतीयों का परिचय’।
को-आर्डिनेटर यूएसए त्रिनिदाद की डॉ. इंद्राणी राम प्रसाद को बनाया गया है। वो भारत अध्ययन केंद्र में विजिटिंग प्रोफेसर भी हैं। बीएचयू के छात्रों को इस कोर्स में एडमिशन के लिए 700 रुपये और बाहरी छात्रों को 1000 रुपये देने होंगे। वहीं, बीएचयू के शिक्षकों और शोधकर्ताओं, एनआरआई, विदेशी छात्र और बाकी लोगों को 1500 रुपये देने होंगे।
प्रवासियों ने बचाई परंपरा : भारत अध्ययन केंद्र के को-आर्डिनेटर प्रो. सदाशिव द्विवेदी ने बताया कि प्रवासी भारतीयों ने सैकड़ों साल से भारत की पहचान, परंपरा, खान-पान और वेश-भूषा को बचाए रखा है। उनके दिल में आज भी मिनी भारत है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी अपने कार्यकाल में प्रवासी भारतीयों को जोड़ा।
विश्वभर से आएंगे प्रोफेसर : साउथ अफ्रीका हाई कमिश्नर प्रो. अनिल सोलंकी, यूएसए के एचई डॉ. रोजर, फिजी के प्रो. गणेश चंद, वीरेंद्र गुप्ता, हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के आशुतोष कुमार, गुजरात यूनिवर्सिटी की कुलपति डॉ. नीरजा अर्जुन, मॉरिशस डॉ. अरविंद बिस्सेसुर, न्यूयॉर्क के प्रो. रूपम सरन, डरबन से प्रो. आनंद सिंह, सिंगापुर से प्रो. वीनिता सिन्हा लेक्चर देंगे।