फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बारिश बनी मुसीबत: वाराणसी में एक घंटे की बरसात, सड़कें लबालब; दूषित जलापूर्ति से जीवन बदहाल

Sat, 06 Jul 2024 11:17 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

वाराणसी में मानसून की दस्तक के साथ ही कई इलाकों में जलभराव हो गया। जिससे आसपास के लोगों के साथ ही आवागमन करने वाले लोगों को भी परेशानी हो रही। वहीं गाड़ियों के साइलेंसर में पानी घुस रहा। 
विज्ञापन
वाराणसी में बारिश के बीच गुजरते वाहन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मानसून के दस्तक देते ही शहर के विकास का पोल खुलने लगा है। शुक्रवार को मात्र एक घंटे की जोरदार बारिश में ही शहर के कई इलाकों की सड़कें जलमग्न हो गईं। प्रमुख चौराहा और रास्ते पर घुटने भर पानी भर गया। जलभराव से अंधरापुल पर वाहनों की गति धीमी हो गई। गाड़ियों के साइलेंसर में पानी घुसने से कई वाहन बंद हो गए। भदऊं चुंगी डाट पुल के नीचे भी जलभराव होने से आवागमन बाधित रहा।

विज्ञापन


शहर के मंडुवाडीह, गोदौलिया, महमूरगंज, पीठीकोठी, नदसेर, लहुराबीर समेत कई इलाकों में जलभराव से लोग परेशान हैं। लोगों का कहना है कि बारिश के बाद पानी का दबाव होने से प्लास्टिक की थैलियां मुख्य नालों और नालियों के मुख्य मार्ग में फंस जा रही है। इससे पानी का बहाव रुक जा रहा है। पानी न निकलने से जलभराव हो रहा है।

नगर निगम की ओर से जलभराव से बचने के लिए कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। जलभराव की समस्या को लेकर कई वार्डों के पार्षदों ने शिकायतें दर्ज कराईं लेकिन जलभराव की समस्या का समाधान नहीं हुआ। नाला सफाई के साथ ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करने के लिए के लिए बेहतर प्रबंध नहीं किया गया। निगम के अधिकारियों ने कहा कि बारिश बंद होने के बाद नाले नालियों के मुंह पर लगी प्लास्टिक को हटवाकर जलभराव की समस्या का समाधान कराया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

100 साल पुरानी पेयजल पाइपलाइन टूटी, धंसा ढक्कन

पियरी क्षेत्र में एक सप्ताह से सौ साल पुरानी पाइपलाइन टूटी है। इसके चलते दूषित जलापूर्ति हो रही है। साथ ही गली में लगे पत्थर का ढक्कन भी धंस गया है। क्षेत्र की जनता पेयजल संकट से जूझ रही है। क्षेत्र के सत्यम कुमार ने बताया कि आए दिन दूषित जलापूर्ति हो रही है। जलकल से शिकायत के बाद भी समाधान नहीं हो रहा है।

आदि विश्वेश्वर वार्ड के पार्षद इंद्रेश सिंह ने कहा कि जलकल के अधिकारियों को सूचना दी गई है। बताया कि 100 साल पुरानी पाइपलाइन लीकेज होने से सीवर का पानी पेयजल लाइन में मिल जा रहा है। इसके चलते लोगों के घरों में दूषित जलापूर्ति हो रही है। जलकल के महाप्रबंधक विजय नारायण मौर्य ने बताया कि सूचना मिलने केबाद दूषित जल की समस्या दूर कराई जा रही है।

वहीं, बारिश से फुलवरिया फोरलेन जाने वाले मार्ग से पहले बौलिया पर सड़क धंस गई है। इसमें पानी भी जमा हो गया है। कई जगहों पर गिट्टियां उखड़कर बिखर गई हैं। सड़कों पर गड्ढों की संख्या इतनी अधिक हो चुकी है कि इससे चोटिल होने का खतरा है। लोगों को पैदल आवागमन में भी परेशानी हो रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें