वाराणसी में बुजुर्ग की पीट-पीटकर हत्याः घटनास्थल पर पहुंची पुलिस।
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वाराणसी के शिवपुर थाना क्षेत्र के भवानीपुर गांव में भूत-प्रेत के चक्कर में हुई मारपीट में वृद्ध ( राजेंद्र) की मौत मामले में चौकी प्रभारी समेत पांच सिपाहियों पर गाज गिरी है। वृद्ध की हत्या मामले में लापरवाही बरतने पर डीसीपी वरुणा विक्रांत वीर ने एक उप निरीक्षक सहित पांच सिपाहियों को निलंबित कर दिया है।
डीसीपी विक्रांत ने बताया कि उप निरीक्षक सूर्य प्रकाश, हेड कॉन्स्टेबल विजय भान, कॉन्स्टेबल रोहित, सोहन, राहुल और राहुल जायसवाल को निलंबित करते हुए इनके खिलाफ विभागीय जांच बैठा दी गई है। आरोप है कि ये सभी पुलिसकर्मी शनिवार शाम विवाद की सूचना पर मौके पर पहुंचे थे लेकिन बिना किसी कारवाई के लौट आए थे।
राजेंद्र के परिजनों ने शिवपुर थाने की पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। बहू काजल का आरोप था कि शनिवार शाम को मारपीट की घटना पर पुलिस पहुंची थी लेकिन आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की। मारपीट की घटना को यदि पुलिस गंभीरता से ली होती तो ससुर की जान बच जाती।
बता दें कि भवानीपुर गांव स्थित दलित बस्ती में रविवार सुबह दो भाइयों के परिवार के बीच भूत प्रेत के चक्कर में मारपीट हुई थी। लाठी-डंडे से मारपीट में घायल बड़े भाई राजेंद्र (60) की मौत हो गई थी। मृतक की पत्नी लक्ष्मीना की तहरीर पर किशन, संजय, महेंद्र, माला और मालती के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।
भतीजों ने ही ली बड़े पिता की जान
भवानीपुर के दलित बस्ती में रहने वाले पेशे से पेंटर राजेंद्र अपने तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। दूसरे नंबर पर राजाराम और सबसे छोटे नंदलाल हैं। दो दिन पूर्व राजाराम की पुत्री माला और पूजा की तबीयत अचानक खराब हो गई। इसे लेकर बीते शनिवार शाम को राजाराम के बेटे किशन और संजय ने राजेंद्र के घर पहुंचकर भूत प्रेत कराने का आरोप लगाते हुए मारपीट की।
उस दौरान किसी तरह पड़ोसियों ने समझा-बुझाकर दोनों को हटाया। रविवार सुबह लगभग नौ बजे इसी बात को लेकर राजाराम के बेटे किशन, महेंद्र और संजय, बहू मालती हाथों में लाठी-डंडे लेकर राजेंद्र के घर पहुंचे और मारने-पीटने लगे। चोट लगने से लहूलुहान राजेंद्र की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। जबकि हमले में राजेंद्र की बहू काजल, सास लक्ष्मीना देवी एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गईं।
रंगाई - पुताई का काम करके जीविका चलाने वाले वृद्ध राजेंद्र की छह संतान में सबसे छोटी बेटी मनीषा की शादी नहीं हुई थी। मनीषा की शादी के लिए परेशान रहने वाले राजेंद्र की इच्छा अधूरी ही रह गई है। चार पुत्रियों में आरती, अनिता, सुनीता व मनीषा है। उधर, पत्नी लक्ष्मीना भी इस सदमे को बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी।