सर, अस्सी घाट की तरफ मत जाइए, उधर अंधेरा और गंदगी है। इस समय जाना ठीक नहीं रहेगा...। गुरुवार की शाम जल संसाधन से जुड़े एक अधिकारी की यह बात सुनकर केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह ने उन्हें जमकर फटकार लगाई।
कहा, क्यों सफाई नहीं कराए हो। प्रकाश की व्यवस्था क्यों नहीं है। यही तो देखने आया हूं। दो मिनट तक मंत्री ने डाट-फटकार लगाई लेकिन फिर अस्सी नहीं गए। हकीकत देखने के बजाए वह सीधा बीएचयू निकल गए।
अभी बुधवार को ही गंगा स्वच्छता के लिए नगर निगम की ओर से रन फॉर गंगा का आयोजन किया था। भारीभरकम धनराशि घाटों और गंगा की स्वच्छता पर खर्च की जा रही है, बावजूद इसके हकीकत किसी से छिपी नहीं है।
गुरुवार को रमना में बन रहे सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण करने के बाद केंद्रीय मंत्री शाम को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत अस्सी घाट के लिए रवाना होने लगे तो साथ चल रहे अधिकारी की बातें सुन वह बिफर पड़े। हालांकि फिर अस्सी जाने का कार्यक्रम उन्होंने स्थगित कर दिया।
दरअसल, अस्सी घाट पर तो प्रकाश और सफाई आम तौर पर रहती है लेकिन वहां तक जाने वाले रास्तों और अस्सी के आसपास के घाटों की स्थिति बदहाल है। राजघाट से सामनेघाट के बीच अधिकतर कमोबेश ऐसी ही स्थिति है।