एनटीए ने बीएचयू को नेट उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का डेटा भेजा। छात्रों की मांग पर बनी कमेटी की अनुशंसा तैयार कर दी गई है। ऐसे में अब कुलपति की मुहर के बाद पीएचडी बुलेटिन में बदलाव किया जा सकता है।
बीएचयू में पीएचडी प्रवेश की प्रक्रिया एक सप्ताह में शुरू हो सकती है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ओर से नेट और जेआरएफ क्वालिफाइड अभ्यर्थियों के डेटा का लिंक बीएचयू को शेयर कर दिया गया है। पीएचडी नियमों में बदलाव को लेकर एक कमेटी गठित की गई है। कमेटी ने रिपोर्ट दे दी है।
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कुलपति की मुहर के बाद पीएचडी बुलेटिन में बदलाव किया जा सकता है। इसके बाद ऑनलाइन पोर्टल पर प्रवेश का लिंक जारी किया जाएगा। बीएचयू में दीक्षांत के ठीक बाद पीएचडी बुलेटिन जारी होना था, लेकिन कमेटी की अनुशंसा विचाराधीन है। जबकि छात्रों की ओर से 10 बिंदुओं में पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया के नियमों में बदलाव की मांग की थी। पिछले दो महीने से प्रवेश प्रक्रिया लटकी हुई है।
जून में नेट की परीक्षा दिए छात्रों को ही प्रवेश के लिए अनुमति दी गई थी, जिसका छात्रों ने विरोध किया था। 18 अक्तूबर को रिजल्ट आ चुका है, लेकिन दो महीने बाद भी बीएचयू ने अब तक पीएचडी बुलेटिन जारी नहीं किया है।
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परीक्षा नियंत्रक कार्यालय के अनुसार, 2024-25 सत्र के पीएचडी प्रवेश में 1500 से ज्यादा सीटाें पर प्रवेश लिया जाएगा। इसमें चारों संबद्ध कॉलेजों की भी 100 से ज्यादा सीटें होंगी। इस बार बीएचयू रिसर्च एंट्रेंस टेस्ट (आरईटी) के तहत पीएचडी कोर्स में प्रवेश नहीं लेगा। सिर्फ नेट, जेआरएफ और पीएचडी के लिए क्वालिफाइड अभ्यर्थियों को ही इंटरव्यू के लिए कॉल लेटर जारी किया जाएगा।