पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक टिकट और विशेष आवरण अतीत को वर्तमान से जोड़ते हैं। एक जिला-एक उत्पाद, जीआई उत्पादों से लेकर जनजातीय उत्पादों तक पर जारी विशेष आवरण देश-दुनिया में इनकी ब्रांडिंग कर प्रचार-प्रसार बढ़ाते हैं और समावेशी विकास के तहत 'वोकल फॉर लोकल' एवं 'आत्मनिर्भर भारत' की संकल्पना को मूर्त रूप देते हैं। फिलेटली को हॉबी के रूप में अपनाकर युवा वर्ग भी डाक टिकटों और विशेष आवरणों के माध्यम से तमाम जानकारियां प्राप्त कर ज्ञान में रचनात्मक अभिवृद्धि कर सकेंगे।
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विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रगतिशील किसान पद्मश्री श्री चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि डाक विभाग अपने विशाल और विश्वसनीय नेटवर्क के माध्यम से समाज के हर वर्ग तक पहुँचकर उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ रहा है। कृषि से लेकर जनजातीय समाज से जुड़े उत्पादों, विरासतों, विभूतियों और विभिन्न पहलुओं पर डाक टिकट और विशेष आवरण जारी कर उन्हें नई पहचान दे रहा है।
प्रवर डाक अधीक्षक राजन राव ने बताया कि उक्त विशेष आवरण मय विरूपण 25 रुपए में फिलेटलिक ब्यूरो, वाराणसी प्रधान डाकघर में उपलब्ध होगा। इस अवसर पर प्रवर डाक अधीक्षक राजन, डाक अधीक्षक विनय कुमार, सीनियर पोस्टमास्टर एसपी राय, सहायक अधीक्षक अजय कुमार, दिलीप सिंह यादव, आइपीपीबी मैनेजर सुबलेश सिंह, डाक निरीक्षक सर्वेश सिंह, श्रीकांत पाल, दिलीप पांडेय, श्रीप्रकाश गुप्ता, दीपमणि, जगदीश सडेजा, सुशांत सिंह सहित तमाम अधिकारी, कर्मचारी, फ़िलेटलिस्ट इत्यादि उपस्थित रहे।