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फीस वृद्धि में अब स्कूलों की मनमानी नहीं चलेगी, दो महीना पहले वेबसाइट पर देनी होगी जानकारी

Thu, 16 Jan 2020 11:53 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
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सीबीएसई स्कूलों में फीस वृद्धि की मनमानी नहीं चल पाएगी। इसके लिए विद्यालयों को 60 दिन पहले फीस का पूरा विवरण वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। साथ ही इसकी सूचना नोटिस बोर्ड पर भी देनी होगी। बृहस्पतिवार को सीबीएसई स्कूलों के प्रधानाचार्यों के साथ विकास भवन भवन में बैठक में जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने इस आदेश का पालन करने के निर्देश दिया।

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फीस निर्धारण के लिए हुई बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि जो स्कूल 31 जनवरी तक आदेशों का पालन नहीं करेंगे, वे फीस नहीं बढ़ा सकेंगे। ऐसे में उन्हें पुरानी फीस ही लेनी पड़ेगी। डीएम ने निर्देशित करते हुए कहा कि टीचर की वेतन बढ़ोत्तरी अनुसार ही फीस बढ़ाई जा सकती है जो अधिकतम 8.71 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी।

साथ ही यह भी कहा कि किसी भी स्कूलों के ड्रेस 5 साल से पहले नहीं बदले जा सकते हैं। स्कूल अभिभावकों को किसी निर्धारित दुकान से किताबें या ड्रेस खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकते और न ही स्कूलों में किताबें आदि बेच सकते हैं। स्कूलों का एकेडमिक कैलेंडर जारी करने का निर्देश देते हुए कहा कि 15 अक्टूबर के बाद कोई भी स्कूल वार्षिक प्रोग्राम नहीं करायेंगे । इस दौरान जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. विजय प्रकाश सिंह, आरटीओ अधिकारी मौजूद रहे।

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स्कूल बैन पलटी - फोटो : Amar ujala

बैठक में डीएम ने दिए ये निर्देश

  • स्कूली बच्चों को स्कूल तक सुरक्षित पहुंचाने और वापस घर तक लाने के लिए उनकी सुरक्षा के उद्देश्य से वाहनों से संबंधित नियमों का पालन करना होगा।
  • नियमानुसार वाहनों का फिटनेस, सीसीटीवी कैमरे, फर्स्ट एड, जीपीएस आदि 20 फरवरी तक लगवाना होगा।
  • 21 फरवरी से परिवहन अधिकारी को एफआईआर कराने और गाडि़यों को सीज करने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
  • परिवहन अधिकारी अगले तीन-चार दिनों में सभी स्कूलों की गाड़ियों, स्कूलों से अनुबंधित गाड़ियों का डाटाबेस तैयार करेंगे।
  • स्कूलों के खुलने और बन्द होने के समय गेट पर रोस्टर के अनुसार ड्यूटी लगाकर बच्चों को लाने और ले जाने वाली गाड़ियों की वीडियोग्राफी होगी।
  • स्कूली वाहनों की पार्किंग किसी भी दशा में सड़कों पर नहीं होनी चाहिए, स्कूल की गाडि़यां स्कूल के अंदर जाकर बच्चों को उतारेंगी।
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