नदेसर स्थित एक होटल में संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई। इसमें कृषि विस्तार सेवा में सहयोग बढ़ाने में दिलचस्पी दिखाई गई। साथ ही भूख को हराने, पोषण और खाद्य सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में और सुधार पर चर्चा की गई।
भारत अब जी-20 देशों के लिए बीज उत्पादन करेगा। इस पर मंगलवार को मुहर लगाई गई है। कृषि विशेषज्ञों ने कहा कि बीज उत्पादन में भारत की आत्मनिर्भरता सराहनीय है। इस क्षेत्र में भारत की भूमिका बड़ी होगी। प्रमुख फसलों के बीज का इस्तेमाल दूसरे देश करें, इस दिशा में काम किया जाएगा।
नदेसर स्थित एक होटल में संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई। इसमें कृषि विस्तार सेवा में सहयोग बढ़ाने में दिलचस्पी दिखाई गई। साथ ही भूख को हराने, पोषण और खाद्य सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में और सुधार पर चर्चा की गई।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. हिमांशु पाठक ने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्रों का सहयोग अति महत्वपूर्ण है। इनके जरिये किसानों तक उन्नत प्रजाति के बीज व कृषि तकनीक आसानी से पहुंचाए जा रहे हैं। भविष्य में भी केंद्रों का सार्थक उपयोग किया जाएगा। इसमें संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. इश्महाने एलौफी और वरिष्ठ कृषि अधिकारी डॉ. सेलवाराजू रामास्वामी ने भी हिस्सा लिया।