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ज्ञानवापी मामला: अब सीएम योगी भी होंगे शामिल, पांच केस की पावर ऑफ अटॉर्नी CM को सौंपेगा विश्व वैदिक संघ

Sun, 30 Oct 2022 08:12 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

 जितेंद्र सिंह विसेन ने बताया कि ज्ञानवापी परिसर से संबंधित केवल  5 मुकदमों पर ही हमारा हस्तक्षेप है। जिसमें  भगवान आदि विश्वेश्वर विराजमान, मां श्रृंगार गौरी केस भी शामिल हैं। अब इन पांचों मुकदमों की पावर ऑफ अटॉर्नी सीएम को सौंप दी जाएगी। 
 
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सीएम योगी - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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विश्व वैदिक सनातन संघ के प्रमुख जितेंद्र सिंह विसेन ने दावा किया है कि ज्ञानवापी परिसर से संबंधित पांच केस की पावर ऑफ अटॉर्नी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपी जाएगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में सभी कानूनी कार्यवाही 15 नवंबर तक पूरी कर ली जाएगी।

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उन्होंने कहा कि ज्ञानवापी परिसर से जुड़े लगभग सभी मुकदमे हमारी ओर से ही फाइल किए गए थे। इस समय पांच मुकदमों की पैरवी संघ की ओर से की जा रही है। इनमें मां श्रृंगार गौरी केस, भगवान आदि विश्वेश्वर विराजमान के अलावा तीन अन्य मुकदमे हैं। विसेन ने दावा किया कि इनकी ही पावर ऑफ अटॉर्नी सीएम को दी जाएगी।
 

क्या है पावर ऑफ अटॉर्नी

पावर ऑफ अटार्नी कैसे देंगे और सीएम से बातचीत के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी हमने अपने अधिवक्ताओं को अटॉर्नी बनाने को कहा है। 15 नवंबर तक सारी तस्वीर स्पष्ट हो जाएंगी। सीएम को पावर ऑफ अटॉर्नी देने से एक दिन पूर्व प्रेसवार्ता कर बाकी खुुलासा करेंगे।

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प्रेस वार्ता में करेंगे बाकी खुलासा

पावर ऑफ अटॉर्नी एक कानूनी प्रक्रिया है, जो एक व्यक्ति को दूसरे की ओर से अधिकारिक रूप से कार्य करने की अनुमति देता है। अधिकृत व्यक्ति को एजेंट या पावर ऑफ अटॉर्नी एजेंट कहा जाता है। नियमानुसार उसे कानूनी निर्णय लेने का अधिकार होता है। 
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