फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आध्यात्मिक नगरी वाराणसी में नई काशी प्रोजेक्ट के लिए नहीं होगा जमीन अधिग्रहण, पीपीपी मॉडल पर होगा काम

Thu, 03 Sep 2020 07:13 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी शशांक मिश्र, अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

आध्यात्मिक नगरी काशी के अत्याधुनिक स्वरूप को दुनिया के सामने लाने के लिए बसाई जाने वाली न्यू काशी के लिए जमीन का अधिग्रहण नहीं किया जाएगा। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के जरिए विकास प्राधिकरण रिंग रोड किनारे की 309 हेक्टेयर जमीन को विकसित करेगा। शासन की ओर से कराए जा रहे सर्वे में जोनल प्लान तय होने के बाद लैंड पूल के जरिए जमीनों को विकसित करने की कवायद शुरू हो सकती है। इस नई व्यवस्था के तहत विकास प्राधिकरण कम समय में न्यू काशी की परिकल्पना को साकार कर सकेगा।

विज्ञापन


सभी सुविधाओं से लैस और सुव्यवस्थित शहर की परिकल्पना को साकार करने वाली न्यू काशी के लिए रिंग रोड किनारे ऐढे़ में 309 हेक्टेयर जमीन वीडीए ने चिह्नित कर शासन को भेजी है। यदि जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा तो करीब 800 करोड़ रुपये खर्च की संभावना है। ऐसे में शासन की ओर से जमीन अधिग्रहण की योजना पर ब्रेक लगेगा। जोनल प्लान के हिसाब से ही लैंड पूलिंग के जरिए जमीन विकसित की जाएगी।

इसमें मालिक से जमीन लेकर विकास प्राधिकरण उसमें सड़क, बिजली, पानी सहित अन्य सुविधाएं विकसित करेगा। वीडीए की ओर से जारी किए गए टेंडर के तहत टाउन प्लानिंग स्कीम व लोकल एरिया प्लान के लिए कंसलटेंट नियुक्त किया गया है। यह कंसलटेंट ही नई काशी की परिकल्पना को धरातल पर उतारने का काम कर रही और इसके लिए प्रपोजल बनाकर सरकार के समक्ष पेश करेगी। 
विज्ञापन


 

विज्ञापन

दशाश्वमेध घाट - फोटो : अमर उजाला

जोनल प्लान के हिसाब से होगा विकास

रिंग रोड किनारे चिह्नित जमीन पर नई काशी बसाने के लिए जोनल प्लान बनाया जा रहा है। इसमें इंडस्ट्रियल, कामर्शियल, रेजीडेंसियल इलाके चिह्नित किए जाएंगे और इसी हिसाब से विकास कराया जाएगा। सभी सुविधाओं को व्यवस्थित तरीके से विकसित करने की योजना है। सरकार की लैंड पूलिंग स्कीम के तहत देश के 25 शहरों का चयन हुआ है। इनमें यूपी का एकलौता शहर बनारस शामिल है। टाउन प्लानिंग स्कीम के तहत इस शहर को सुनियोजित विकास करते हुए विस्तार देना है।

अधिग्रहण होने से योजना में देरी की आशंका

अधिग्रहण के चलते ज्यादातर योजनाएं देर होती रही है। ऐसे में किसानों की जमीन लेने की बजाय उनकी सहमति से जमीनों को सरकार सुविधाएं विकसित करने के लिए लेगी। इसमें जमीन का मालिकाना हक किसान का रही रहेगा। सुविधाएं विकसित होने के कारण इन जमीनों की अच्छी कीमत भी मिलेगी। इसके अलावा नगरीय सुविधाओं के लिए वीडीए प्राइवेट कंपनियों की भी मदद लेगा। 
न्यू काशी के लिए जोनल प्लान कंसलटेंट की ओर से बनाया जा रहा है। फिलहाल जमीन अधिग्रहण के बजाय हम लैंड पूलिंग को तरजीह देने की योजना में हैं। शासन के निर्देश के बाद इस मसले पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। 
दीपक अग्रवाल, मंडलायुक्त
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें