इसके बाद जातिसूचक गालियां देते हुए धमकाया और कहा कि यदि किसी से कुछ बताया तो अंजाम भुगतना होगा। सुनील शुक्ला के घर पर जो महिला काम करती थी, उसके बेटे से और बच्चों को बुलाने की बात कहा जा रहा था। लंका थानाध्यक्ष अश्वनी पांडेय ने कहा कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी के खिलाफ अदालत में प्रभावी तरीके से पैरवी कर उसे कठोर सजा दिलाई जाएगी।
सुनील शुक्ला अस्सी घाट पर रोजाना सुबह गंगा आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कराने वाली संस्था सुबह-ए-बनारस का पदाधिकारी है। संस्था के संयोजक डॉ. रत्नेश वर्मा ने कहा कि सुनील शुक्ला पर लगे गंभीर आरोपों और दर्ज मुकदमे की जानकारी मिली है। अगले 12 घंटे के अंदर सुनील शुक्ला को संस्था से जुड़े सभी पदों और दायित्व से मुक्त कर दिया जाएगा।