संस्कृत विश्वविद्यालय प्रदेश में प्रथमा, पूर्व मध्यमा, उत्तर मध्यमा की मान्यता देता था, लेकिन 2001 में प्रदेश सरकार ने संस्कृत माध्यमिक शिक्षा परिषद का गठन कर यह जिम्मेदारी परिषद को सौंप दी। इसके बाद संस्कृत विश्वविद्यालय प्रदेश के बाहर के केंद्रों को प्रथमा से लेकर उत्तर मध्यमा की मान्यता देता है।
1200 से अधिक हैं संबद्ध महाविद्यालय
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से देश भर में संबद्ध महाविद्यालयों की संख्या 1200 से भी ज्यादा है। उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, मध्यप्रदेश, राजस्थान और गुजरात के अलावा नेपाल में भी यहां से संबद्ध महाविद्यालय हैं।