दरअसल, 15 नवंबर से हस्तकला संकुल बड़ालालपुर में अंतराराष्ट्रीय फूड फेस्टिवल में कई देशों के प्रतिनिधियों के आने की उम्मीद है। ऐसे में इससे पहले एयरपोर्ट को खास तरह से तैयार किया जा रहा है। लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट निदेशक आर्यमा सान्याल ने कहा कि एयरपोर्ट को बनारस के अंदाज में तैयार किया जा रहा है, ताकि परिसर में आने वालों को काशी की संस्कृति का अहसास हो सके। 15 नवंबर तक एयरपोर्ट का नया लुक सामने होगा।
वाराणसी एयरपोर्ट पर आने और जाने वाले यात्रियों को विमान से टर्मिनल बिल्डिंग तक पैदल ही सफर करना पड़ता है। एयरपोर्ट अथॉरिटी की पहल पर निजी विमानन कंपनियां अब बस सेवा शुरू करेेंगी। अक्तूबर से बस सेवा शुरू की जाएगी और इसके लिए परिचालन क्षेत्र में बस रूट तैयार किया जा रहा है।
वाराणसी एयरपोर्ट पर पानी बचाने की मुहिम शुरू की जाएगी और इसके लिए सर्वे कराया जा रहा है। वाशरूम सहित अन्य जगहों पर लगे नल की जगह स्प्रिंक्लर्स लगाने की योजना है। फिलहाल नल हटाकर स्प्रिंक्लर्स लगाने के खर्च का आंकलन किया जा रहा है। इसके साथ ही एयरपोर्ट के वीआईपी रूम का आकार बड़ा कर उसे अत्याधुनिक किया जा रहा है।
लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर अब एक मशीन काशी के स्वाधीनता संग्रामियों कहनी सुनाएगी। इसके लिए शुक्रवार को कियॉस्क मशीन का लोकार्पण किया गया। मशीन ऑडियो और वीडियो माध्यम से काशी के शास्त्री, आजाद और भगवान दास जैसे स्वाधीनता संग्रामियों के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए देश के आजादी में उनकी भूमिका के बारे जानकारी देगी। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत एयरपोर्ट निदेशक आर्यमा सन्याल मशीन का लोकार्पण किया। कियॉस्क मशीन को भारतीय विमान पत्तनन के फाइनेंस के आईटी टीम ने किया है।