कुछ वर्षों में किया जाए पाठ्यक्रम में बदलाव
राज्यपाल ने सुझाव दिया कि कुछ वर्षों के अंतराल पर 20-20 फीसदी पाठ्यक्रम में बदलाव करने से नयापन आता है और गुणवत्ता बढ़ती है। उन्होंने गुजरात में किए गए प्रयोगों का जिक्र करते हुए कहा कि अच्छे संदर्भों एवं आयामों को हमें अपने पाठ्यक्रम व कार्यों में शामिल करना चाहिए। राज्यपाल ने कहा, शिशु वाटिका में आनंदमई शिक्षा की परिकल्पना के साथ नई शिक्षा के प्रावधानों को समाहित किया गया है।
आंगनबाड़ी में लागू करेंगे विद्या भारती के सुझाव
राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वाति सिंह ने कहा कि विद्या भारती व आंगनबाड़ी की संयुक्त बैठक एक अच्छी कार्यशाला के रूप में हुई। विद्या भारती द्वारा दिए गए प्रेजेंटेशन के कार्य आंगनबाड़ी में बहुत अच्छे परिणाम देंगे। इसके लिए भविष्य में भी महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी एवं कार्मिक विद्या भारती से संपर्क एवं संवाद कर से सहयोग लेकर अपने केंद्रों पर लागू करेंगे। इस अवसर पर विद्या भारती के विजय उपाध्याय, राम मनोहर व मीरा पाठक ने प्रजेंटेशन दिया। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन किया।