काशी में एक दो नहीं बल्कि दर्जनों अवैध बस स्टैंड संचालित हैं। इसमें चौकाघाट ओवरब्रिज के पास और उसके नीचे से लेकर आयुर्वेद कॉलेज चौकाघाट के पास से भी बसों को गाजीपुर, जौनपुर, चंदौली आदि जगहों की सवारियां भरी जाती हैं। इन अवैध बस स्टैंडों के खिलाफ भी कोई कार्रवाई नहीं होती है। अब अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर अभियान चलाकर कार्रवाई का निर्देश दिया है।
कार्रवाई के लिए गठित हुई टीमें
अवैध बस और टैक्सी, ऑटो स्टैंड के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने संयुक्त टीम का गठन किया है। टीम को जिले भर में अभियान चलाकर कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही इधर शासन का आदेश आने के बाद पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारियों की बैठक भी हुई। माना जा रहा है कि जल्द ही बडे़े पैमाने पर अभियान चलाया जाएगा।
परिवहन विभाग की लापरवाही के चलते वाराणसी के कई स्कूल व कालेज में संचालित बसें ओवरएज हैं। मगर, कार्रवाई से बचने के लिए बसों को डेंट पेंट कर बाहर से चमकाया जाता है। मगर, अंदर से उनमें मानक ही पूरे नहीं होते। स्कूली बसों के फिटनेस के लिए तय मानक की जांच के बिना ही इसे पास किया जाता है। कई फिटनेस बसें भी स्कूलों में धड़ल्ले से चल रही हैं।
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने कहा कि अवैध बस स्टैंड और बस, आटों पर कार्रवाई के लिए संयुक्त टीमें गठित की गई हैं। हर दिन कार्रवाई की समीक्षा भी कराई जाएगी और इसमें लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार टीम के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन विभाग के यात्री कर अधिकारी केकी मिश्रा के नेतृत्व में रविवार को अभियान चलाकर वाहनों का चालान किया गया। इसमें एक ओवरलोड वाहन जिस पर 30 टन गिट्टी लोड थी, जंसा थाने में सीज कराया गया। इसके साथ ही पांच अन्य ओवरलोड वाहनों के साथ ही नेशनल हाइवे पर 13 भारी वाहनों का चालान किया गया। केकी मिश्रा ने बताया कि बिना रिफलेक्टिव वाले सात वाहनों का भी चालान किया गया है।