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नीट फर्जीवाड़ा : सॉल्वर गैंग की मदद लेने वाले 16 अभ्यर्थियों का रिजल्ट रोका

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नीट परीक्षा फर्जीवाड़ा मामले में पकड़े गए सॉल्वर गैंग की मदद लेने वाले 16 अभ्यर्थियों का परिणाम रोक दिया गया है। इसके साथ ही अभ्यर्थी हीना विश्वास को दो साल के बैन कर दिया गया है। वाराणसी पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने यह कार्रवाई की है।
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दरअसल, वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस की जांच में यह बात सामने आई थी कि फर्जी आईडी का इस्तेमाल करने वाले 25 अभ्यर्थियों में 16 असल परीक्षार्थी ही नहीं थे। पुलिस ने ऐसे सभी अभ्यर्थियों का रोल नंबर, रजिस्ट्रेशन नंबर सहित सारी जानकारी जुटाकर एनटीए को भेजी थी। पुलिस रिपोर्ट के आधार पर ही एनटीए ने आरोपियों के परिणाम जारी नहीं किए हैं और इनके सामने रिजल्ट लेटर का विकल्प दे दिया है। ऐसे ही हीना विश्वास के रोल नंबर के सामने अनफेयर मींस का इस्तेमाल किया गया है। इसका मतलब उसे दो साल के लिए बैन किया गया है। यहां बता दें कि सॉल्वर गैंग मामले की तफ्तीश में सितंबर में आयोजित हुई नीट की परीक्षा में सारनाथ के सोनातालाब स्थित परीक्षा केंद्र से पुलिस ने दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा दे रही सॉल्वर गैंग की जूली बीएचयू के डेंटल कॉलेज में सेकेंड ईयर की छात्रा थी। जूली त्रिपुरा की अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देती पकड़ी गई। इसके बाद पुलिस टीम ने आरोपी छात्रा की मां, भाई समेत बिहार के विकास महतो, फोटो एडिट करने वाला फोटोशॉपर राजू समेत करीब छह लोगों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में गैंग का लीडर बिहार निवासी पीके उर्फ प्रेमकुमार नीलेश का नाम सामने आया था। पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश ने बताया कि पुलिस की रिपोर्ट पर यह कार्रवाई हुई है।
सॉल्वर गैंग सरगना की अग्रिम जमानत खारिज
नीट परीक्षा के पेपर लीक मामले में सॉल्वर गैंग के सरगना पीके उर्फ नीलेश कुमार की अग्रिम जमानत न्यायालय ने खारिज कर दी है। इसके साथ ही गैंग के सदस्य आरोपी राजू सोनकर की भी जमानत अर्जी खारिज कर दी। आरोपी पर फोटो मिक्स कर फर्जी दस्तावेज तैयार करने का आरोप है। पुलिस का आरोप है कि हर प्रवेश पत्र तैयार करने पर दो हजार रुपये लेता था। डीजीसी आलोक चंद्र शुक्ल के मुताबिक, आरोपी को सॉल्वर गैंग का सक्रिय सदस्य पाते हुए प्रभारी सत्र न्यायाधीश पुष्कर उपाध्याय की अदालत ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।
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