सॉल्वर गैंग के सरगना पटना के पीके और गैंग में नए लड़कों को शामिल कराने वाले मऊ के मुहम्मदाबाद गोहना निवासी ओसामा शाहिद पिछले दो-तीन साल से जुड़े हुए हैं। पटना में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले खगड़िया निवासी विकास महतो के जरिए बीएचयू छात्रा जूली को गैंग में शामिल किया गया।
चंद रुपये की लालच और जल्द ही तरक्की की सीढ़ी चढ़ने के आतुर ओसामा और विकास ने छात्रा जूली के भाई अभय के जरिये मां बबिता से संपर्क किया और उन्हें रातों रात अमीर बनने का ख्वाब दिखाया। बेटी का स्वर्णिम कॅरियर दाव पर लगाते हुए फर्जीवाड़े के इस दलदल में कदम रख दिया। सारनाथ थाने में फूट-फूटकर मां और बेटी रो रही थी। बेटी को डॉक्टर बनाने का सपना देखी रही मां ने रोते हुए पुलिसकर्मियों से कहा कि पता नहीं था कि इस मुसीबत में फंस जाएंगे।
सॉल्वर गिरोह का नेटवर्क लखनऊ, बनारस, पटना होते हुए त्रिपुरा तक फैला हुआ है। त्रिपुरा की रहने वाली मूल अभ्यर्थी हिना विश्वास के स्थान पर परीक्षा देने वाली बीएचयू की छात्रा की मां को सॉल्वर गिरोह ने पैसे का लालच देकर फंसाया। मां और बेटी को परीक्षा दिलवाने लेकर आए गिरोह के दो सदस्यों की तलाश में पुलिस की दो टीमें दबिश दे रही हैं।
बीएचयू में बैचलर आफ डेंटल साइंस (बीडीएस) की द्वितीय वर्ष की छात्रा जूली टॉपर रह चुकी है। आईएमएस फैकल्टी ऑफ डेंटल साइंसेज की 2019 बैच की छात्रा जूली कुमारी को नीट परीक्षा में 720 में से 522 अंक मिले थे।
जूली कुमारी के पिता मुन्ना पटना में सब्जी विक्रेता हैं। पुलिस की पूछताछ में बेटी ने बताया कि इस बारे में पिता को कोई जानकारी नहीं थी कि हम गलत राह पर जा रहे हैं। विकास ने ऐसा मां को सब्जबाग दिखाया कि हम सभी की आंखों पर पट्टी बंध गई। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने का फायदा गिरोह ने उठाया।
आरोपियों से पूछताछ के आधार पर माना जा रहा है कि कई और हत्थे चढ़ेंगे। मऊ के मुहम्मदाबाद गोहना के शेखवाड़ा मुहल्ले से सोमवार रात वाराणसी पुलिस ने ओसामा के संपर्क में आए युवक को उठाया।