मिर्जापुर, चंदौली से मंगाई चिकनी मिट्टी
प्रतिमाओं के निर्माण के लिए विशेषकर चिकनी मिट्टी का उपयोग होता है। अभिजीत विश्वास ने बताया कि जलकल विभाग की मिट्टी अब उतनी अच्छी नहीं आ रही है। जबकि चिकनी मिट्टी से मूर्तियों के निर्माण में निखार आता है। यह मिट्टी यहां नहीं मिल पा रहा है। मिर्जापुर और चंदौली से मिट्टी मंगाकर मूर्तियां बनाई है। बाहर से मिट्टी आने से खर्च बढ़ गया है। कामाख्या देवी के रूप में भी बनीं प्रतिमाएं माता 20 से 25 प्रतिमाएं खास हैं, जो माता को अलग-अलग रूप को दर्शाती है। 16 फीट के शेर पर बच्चा के रूप में मां दुर्गा बैठी हैं।