अभी फिलहाल विशेष 2011 से देहरादून में अपनी पत्नी और बेटे के साथ रह रहे हैं। 2001 में पंजाब के परमिंदर सिंह के बाद लगभग 19 साल के बाद किसी पुरुष बास्केटबॉल खिलाड़ी को यह पुरस्कार दिया गया है। अब तक कुल 19 बास्केटबॉल खिलाड़ी अर्जुन पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं।
विशेष भृगुवंशी उत्तर प्रदेश के प्रथम पुरुष बास्केटबॉल खिलाड़ी तथा भारत के 16वें पुरुष बास्केटबॉल खिलाड़ी है जिन्हें यह पुरस्कार दिया गया है।
बाइक लांघ कर बॉस्केट करने में माहिर है विशेष
पुरस्कार मिलने पर पिता प्रमोद ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि उनके दो बेटे विभोर और विशेष भृगुवंशी हैं। दोनों बास्केटबॉल खिलाड़ी हैं। जिसमें विभोर डिफेंसिव है जबकि विशेष आक्रमकता से खेलते हैं। यही आदत उसे स्टंट भी करने को उकसाती है। यूपी कॉलेज के बास्केटबॉल ग्राउंड पर बच्चों को डी स्पेस में बैठा कर उनको लांघ कर बास्केट करते थे।
विशेष की यही आदत आगे चलकर और खतरनाक हो गई। गोवा और चंडीगढ़ की प्रतियोगिताओं में बाइक को लांघ कर बॉस्केट कर तीन बाइक पुरस्कार में जीतीं।
अर्जुन सहित जीते कई पुरस्कार
भारतीय बास्केटबॉल टीम की कप्तानी कर 14 साल के करियर में अर्जुन अवार्ड के अलावा एशिया के मोस्ट वैल्युएबल खिलाड़ी का अवार्ड, एशियाई प्रतियोगिताओं, राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में सर्वश्रेष्ठ शूटर तथा सर्वश्रेष्ठ डिफेंसिव खिलाड़ी का पुरस्कार, राष्ट्रीय फेडरेशन कप में पांच बार सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार भी प्राप्त हैं।
45 अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं खेलीं
विशेष ने अपने खेल कॅरियर में भारतीय बास्केटबॉल टीम की कप्तानी के साथ ही अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 200 से ज्यादा मैच खेले हैं, जिनमें 10 स्वर्ण पदक, दो रजत पदक तथा एक कांस्य पदक प्राप्त किया है। वहीं राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में विशेष भृगुवंशी ने अब तक नौ स्वर्ण पदक, तीन रजत पदक और तीन कांस्य पदक हासिल किए हैं।