दिलदारनगर गांव निवासी सलीम कुरैशी(55) के घर शनिवार की रात करीब दो बजे अचानक पुलिस ने दबिश दी। सलीम के घर को चारों तरफ से घेर लिया। इस बीच सलीम परिवार के साथ घर में सो रहा था। पुलिस के आने की खबर मिलते ही वह छत पर भागा। उसे पकड़ने के लिए पीछे से पुलिस भी पहुंच गई।
इसी बीच वह छत से बाहर कूद गया। जिससे उसके एक पैर की हड्डी टूट गई। इसी बीच आसपास के दो लोग वहां पुलिस से उलझ गए। दोनों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। सलीम को जख्मी देख पुलिस उसे छोड़कर चली आई।
ग्रामीणों में पुलिस के प्रति आक्रोश व्याप्त है। रविवार की सुबह पीड़ित पक्ष घायल फल कारोबारी को लेकर सीधे पुलिस अधीक्षक डॉ ओमप्रकाश सिंह से मिलने पहुंचे। एसपी के निर्देश पर क्षेत्राधिकारी जमानिया ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में दिलदारनगर थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि गोमांस बेचने और पशुओं के काटने की सूचना मिली थी।
इसके बाद पुलिस टीम गांव में दबिश देने गई थी। उधर दिलदारनगर पहुंचे सीओ ने रात दबिश देने गए पुलिकर्मियों की लिस्ट तलब की है। फिलहाल कई बिंदुओं पर सीओ तफ्तीश कर रहे हैं।
उधर फल विक्रेता के परिजनों का आरोप है कि पुलिस की पिटाई से सलीम के पैर की हड्डी टूटी है। सलीम की पत्नी सरवरी ने यह आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है। उनका कहना है कि पुलिस ने घर में घुसने के बाद तलाशी के नाम पर लूटपाट की और विरोध करने पर परिजनों को मारापीटा है। महिलाओं के साथ भी दुर्व्यवहार किया।