आर्य भाषा पुस्तकालय नागरीप्रचारिणी सभा का ताला खोलने के बाद किताबों की जांच करते व्योमेश शुक्ल।
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वाराणसी के नागरी प्रचारिणी सभा के आर्यभाषा पुस्तकालय का ताला दस महीने बाद खुल गया। पुस्तकालय में करीब 25 लाख पुस्तकें रखी हैं। पांच लाख पन्नों वाली 50 हजार पांडुलिपियां भी हैं। इन पांडुलियों की सुधि 25 वर्षों से नहीं ली गई है। अब सफाई शुरू हुई है।
नागरी प्रचारिणी सभा के प्रधानमंत्री व्योमेश शुक्ल ने पुस्तकालय का ताला खोला। उन्होंने बताया कि अब पुस्तकालय का जीर्णाेद्धार कराया जाएगा। इनमें दुर्लभ पुस्तकों का संग्रह हैं। इन पुस्तकों और पांडुलिपियों को संरक्षित किया जाएगा। उनका प्रकाशन होगा। हजारों हस्तलेख के साथ ही मुगलकाल, अंग्रेजों के समय के सरकारी गजट भी जैसे-तैसे पड़े हैं। पुस्तकालय में अप्रैल 2023 से ताला बंद था। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुस्तकालय खोलने का आदेश दिया था। इसका अनुपालन सुनिश्चित कराया गया है।