गुरु की महत्ता का बखान वेदों में भी है
प्रसिद्ध दलित विचारक ज्ञान प्रकाश ने पूरे विधि-विधान से मंत्रोच्चारण के साथ रामपंथ के धर्माध्यक्ष महंत बालक दास से रामपंथ में दीक्षा ली। रामपंथ में दीक्षित होने के बाद ज्ञान प्रकाश को रामाचार्य का पद प्रदान किया। गुरु का स्थान सभी सम्बन्धों से ऊपर होता है। गुरु की महत्ता का बखान वेदों में भी है।
रामपंथ के पंथचार्य डॉ. राजीव ने कहा कि जहां सारे भेद खत्म हो जाएं वहीं राम हैं। रामनाम का मंत्र लेने वाला कभी भी और कहीं भी भेद नहीं कर सकता। पातालपुरी मठ ने नया इतिहास रचा है। दलित और मुस्लिम समाज ने अपने गुरु बालक दास को सम्मान देकर एकता और भाईचारा का संदेश दिया।
महंत बालक दास ने कहा कि रामपंथ में बिना किसी भेदभाव के रामनाम की दीक्षा देंगे। भगवान राम के शरण में जो भी आएगा सब हमारे हैं। जो भी रामभक्ति से जुड़ना चाहते हैं वो सब आये। हमें सब स्वीकार है। हिन्दू धर्म में सबकी स्वीकारोक्ति है।
इस अवसर पर डॉ. अर्चना भारतवंशी, नाज़नीन अंसारी, डॉ. नजमा परवीन, खुर्शीदा बेगम, शबनम, शबाना, कुलसुम, राबिया बानो, हुसना बानो, रुखसार, तसकिया जमाल, मो. शहाबुद्दीन, मो. अफरोज, शमशाद अली, रोजा भारतवंशी, आभा भारतवंशी, अफसर अंसारी, राजकुमार सिंह गौतम, अंकित, सचिन, डॉ. धनंजय यादव, इली, खुशी, उजाला, दक्षिता आदि लोगों ने भाग लिया।