चुनाव कार्यालय के अनुसार 2017 के निकाय चुनाव में 90 वार्ड थे। उस दौरान निगम की ओर से भेजी गई आरक्षण की प्रस्तावित सूची में 90 में से 56 वार्ड बदल गए थे। उस समय चक्रानुक्रम में 40 वार्ड पुरुष, 20 वार्ड महिला, 16 वार्ड ओबीसी, 8 ओबीसी महिला, चार वार्ड अनुसूचित जाति, दो वार्ड अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए थे।
नगर निगम चुनाव के मद्देनजर शासन से वार्डों के आरक्षण का इंतजार हो रहा है। जानकारों के अनुसार आरक्षण के बाद कई लोगों के मंसूबे ध्वस्त होंगे। जहां पुरुष दावेदार हैं वहां यदि महिला सीट हुई तो पुरुष दावेदारों के मंसूबे पर पानी फिर जाएगा। इसी प्रकार सामान्य से ओबीसी और ओबीसी से अनुसूचित जाति के लिए आरक्षण होने से दावेदारों को दिक्कत होगी।
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चुनाव कार्यालय के अनुसार 2017 के निकाय चुनाव में 90 वार्ड थे। उस दौरान निगम की ओर से भेजी गई आरक्षण की प्रस्तावित सूची में 90 में से 56 वार्ड बदल गए थे। उस समय चक्रानुक्रम में 40 वार्ड पुरुष, 20 वार्ड महिला, 16 वार्ड ओबीसी, 8 ओबीसी महिला, चार वार्ड अनुसूचित जाति, दो वार्ड अनुसूचित जाति की महिलाआें के लिए आरक्षित किए गए थे। वर्तमान में वार्डों का परिसीमन पूरा करने के साथ आरक्षण के लिए शासन को सूची भेजी गई है। इस बार 100 वार्ड हैं। इस नाते दस वार्डों के नाम बदले गए हैं, जबकि 11 वार्डों में नए मोहल्ले और मकान जोड़े गए हैं। अपर नगर आयुक्त दुष्यंत कुमार ने बताया कि निगम की ओर से सूची भेजी गई है। शासन से ही वार्डों का आरक्षण फाइनल होगा।