अब उसी प्रकरण में सोमवार को मुंबई के कांदिवली थाने की पुलिस गोपीगंज कोतवाली पहुंची। यहां की पुलिस को लेकर विधायक के रिश्तेदार कृष्ण मोहन तिवारी के धनापुर आवास पर गई, लेकिन वहां दोनों नहीं मिले। इस संबंध में ज्ञानपुर ब्लॉक प्रमुख मनीष मिश्रा ने कहा कि उनके खिलाफ दर्ज मुकदमा फर्जी है।
उन्होंने बताया कि वह 2014 के बाद मुंबई गए ही नहीं। मेरा मोबाइल नंबर चेक करा लिया जाए। इसके साथ ही उन्होंने ज्ञानपुर विधायक के रिश्तेदारों को फर्जी मुकदमे में फंसाने का आरोप भी लगाया। कुछ दिन पूर्व कृष्ण मोहन तिवारी, उनके बेटों और रिश्तेदार पर भी मुंबई में ही केस दर्ज कराया गया था। वह नार्को टेस्ट के लिए तैयार हैं। पंचायत चुनाव में उनकी राजनीतिक छवि को धूमिल करने का प्रयास हो रहा है।