सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी
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उन्होंने लगन से लोगों की सेवा की और लोकनायक जेपी और डॉ. लोहिया के आदर्शों को लोकप्रिय बनाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर स्थापित किया व एक सामान्य परिवार से निकलकर, समाजवाद की परिभाषा को परिभाषित करने वाले, माटी के नेता, पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव का निधन भारतीय राजनीति की अपूर्णीय क्षति है।
राष्ट्र ने एक महान नायक खो दिया
सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी ने कहा कि मुलायम सिंह यादव जी के निधन से राष्ट्र ने एक नायक को खो दिया। इससे बहुत बड़ी क्षति हुई है। उनके निधन पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवार को दुख सहन करने की शक्ति प्राप्त हो।
यूपी कांग्रेस के प्रांतीय अध्यक्ष व पूर्व मंत्री अजय राय ने कहा की समाजवाद को जमीन पर साकार करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह एक नेता नहीं बल्कि विचारधारा थे। समाजवाद का चमकता सूरज आज अस्त हो गया। उनका संघर्ष, जीवंत पुस्तक है। उनकी उपलब्धियां कालजयी है। उन्होंने संघर्ष की यात्रा से राजनीति में लंबी लकीर खिंची वह सामाजिक न्याय के बड़े पैरोकार थे। उनके अतुलनीय योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।
वाराणसी में शतरुद्र प्रकाश के आवास पर मुलायम सिंह यादव
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उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की वाराणसी से कई यादें जुड़ी हुई हैं। बनारस सेंट्रल जेल में मुलायम सिंह यादव ने समाजवादी पार्टी बनाने की योजना बनाई थी। उनका वाराणसी और यहां के लोगों से विशेष लगाव था। अलग-अलग मौकों पर कई राजनीतिक रैलियां और सभाएं की। धर्म-कर्म के काम से भी वह धर्मनगरी काशी आते रहते थे। कई परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण भी उन्होंने किया। वाराणसी और मिर्जापुर जिले के हिस्से को अलग कर भदोही जिला बनाया।
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