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Crime News: एमपी का पारदी गिरोह कर रहा बनारस में चोरियां, CCTV कैमरे से किए गए चिह्नित

Tue, 11 Jun 2024 08:28 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

वाराणसी जिले में मध्य प्रदेश का पारदी गिरोह ताबड़तोड़ चोरियों की वारदात को अंजाम दे रहा है। पुलिस टीम द्वारा अलग-अलग स्थानों की सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से गिरोह के सदस्य चिह्नित किए गए हैं। क्राइम ब्रांच ने आरोपियों की लाश शुरू की है। 
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चोरी की जानकारी देती महिला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शिवपुर, सारनाथ सहित अन्य थाना क्षेत्रों में बंद घरों में ताबड़तोड़ चोरियां हो रही हैं। चोरी की घटनाओं से संबंधित सीसी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद क्राइम ब्रांच इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि इनमें मध्य प्रदेश के कुख्यात पारदी गिरोह के बदमाशों की भूमिका है। क्राइम ब्रांच की अलग-अलग टीमें बदमाशों की तलाश कर रही है।

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शिवपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात चार बंद मकानों को खंगाल कर चोर लाखों की नकदी और लाखों रुपये मूल्य के आभूषण चुरा ले गए। इस बीच सारनाथ थाना क्षेत्र में चार जगह चोरी का असफल प्रयास किया गया और एक जगह सफलता मिली। लालपुर पांडेयपुर थाना क्षेत्र में चोर बंद मकान से नकदी और लाखों रुपये के गहने समेट ले गए। इसी तरह का हाल कमोबेश शहर के अन्य थाना क्षेत्रों का भी है। इस तरह से चोरी की घटनाएं हाल के दिनों में प्रयागराज और गोरखपुर में भी हुई हैं।

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रात के 12 से 4 बजे के बीच करते हैं चोरी

मध्य प्रदेश के गुना जिले से ताल्लुक रखने वाले पारदी गिरोह के बदमाश दिन में भीख मांगने या सामान बेचने या अन्य बहानों से कॉलोनियों के मकानों की रेकी करते हैं। वह तस्दीक करते हैं कि मकान बंद हैं या उसमें कोई रह रहा है। रात 12 बजे से चार बजे के बीच वह चोरी करते हैं। गिरोह के सदस्य अपने शरीर में तेल लगाकर जाते हैं। ताकि, कोई पकड़ भी ले तो वह फिसल कर आसानी से छूट जाएं। ताले और ग्रिल काटने के लिए गिरोह के बदमाश आधुनिक औजारों का इस्तेमाल करते हैं, जिससे आवाज न हो।

रात की गश्त में पुलिस की लापरवाही एक बड़ी वजह
रात्रिकालीन गश्त को लेकर पुलिस की लापरवाही भी एक बड़ी वजह है। रात में गश्त के लिए निकलने वाले पुलिस कर्मियों में से ज्यादातर मुख्य मार्गों तक ही सीमित रहते हैं। कॉलोनियों और बस्तियों की ओर उनकी आवाजाही यदा-कदा ही होती है। पुलिस की इस लापरवाही के कारण ही चोर बेखौफ हो गए हैं और दुष्परिणाम आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
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