बदमाश के पास से बरामद हथियार
- फोटो : अमर उजाला
शुरू से ही अापराधिक मानसिकता का मनीष सिंह सोनू जवानी की दहलीज में कदम रखते के साथ ही जरायम की दुनिया में बेताज बादशाह बनना चाहता था। वाराणसी के उंदी गांव में रहते हुए उसने अपने साथियों के साथ मिल कर कई वारदात को अंजाम दिया। जिसमें वह जेल भी गया और चार साल जेल में रहने के बाद वापस आया। जेल से वापस आने के बाद भी वो कई वारदातों में शामिल रहा।
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस।
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यूपी एसटीएफ के अनुसार 28 अगस्त 2020 को वाराणसी के चौकाघाट में दिनदहाड़े कैंट थाने के हिस्ट्रीशीटर अभिषेक सिंह प्रिंस सहित दो लोगों की हत्या कर दी गई थी। सीसी कैमरों की फुटेज से शूटर के तौर पर मनीष सिंह सोनू चिन्हित हुआ था। इसके बाद उसका नाम सितंबर 2020 में मिर्जापुर के चुनार में एक कंपनी के अधिकारी से रंगदारी मांगने और हत्या के मामले में सामने आया था।
इसके बाद रोहनिया में जमीन कारोबारी एनडी तिवारी की हत्या में शूटर के तौर पर मनीष चिन्हित हुआ था। नवंबर 2020 में जैतपुरा क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ में बदमाश रोशन गुप्ता उर्फ किट्टू मारा गया था तो उस दौरान मनीष फायरिंग करते हुए भाग निकला था। इसके बाद से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी लेकिन वह हाथ नहीं लगा। पुलिस के अनुसार मनीष मौजूदा समय में बिहार और नेपाल में ठिकाने बदल-बदल कर रहता था।