फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मंदिर जाने वाले रास्तों पर दो सौ से अधिक होर्डिंग

विज्ञापन
विज्ञापन
शहर में होर्डिंग लगाने के लिए नियम कानून को दरकिनार कर दिया गया है। हालत ऐसी है कि शहर के प्रमुख मंदिर हाें या छोटे मंदिर के रास्ते उनकी पहचान होर्डिंग के पीछे छिप गई है। काशी के कोतवाल कालभैरव मंदिर से लेकर संकटमोचन मंदिर तक के रास्तों पर दर्जनों होर्डिंग लगाए गए हैं। व्यावसायिक होर्डिंग के अलावा राजनीतिक होर्डिंग पर जिम्मेदारों की नजर तक नहीं पड़ रही है।
विज्ञापन

शहर में होर्डिंग लगाने के लिए नगर निगम से अनुमति लेनी पड़ती है, लेकिन होर्डिंग लगाने वाले इसकी परवाह भी नहीं करते हैं। सरकारी आंकड़ों की बात करें तो निगम की ओर से होर्डिंग के लिए शहर भर में 270 स्थानों को चिन्हित किए गए हैं। दारानगर स्थित महामृत्युंजय मंदिर की गली में तो चारों तरफ होर्डिंग लगए हैं। वहीं, गोदौलिया से ज्ञानवापी जाने वाले मार्ग पर भी जगह-जगह राजनीतिक, धार्मिक और व्यावसायिक होर्डिंग की भरमार है। कहीं ट्रांसफार्म पर तो कहीं हेरिटेज पोल पर तो कहीं मंदिर जाने वाले रास्ते पर भी होर्डिंग लगे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें