हनुमान जन्मोत्सव पर संकटमोचन का दरबार श्रद्धा से गुलजार रहा। मंदिर प्रांगण हनुमत लला और जय सियाराम के जयघोष से गूंजता रहा। महंत प्रो. विश्वम्भर नाथ मिश्र ने भक्तों में प्रसाद वितरित किया। सुबह से मध्य रात्रि तक लगभग ढाई लाख से अधिक भक्तों ने संकटमोचन का आशीर्वाद लिया। इस दौरान हनुमान जी के विग्रह का शृंगार विभिन्न फूलों की मालाओं से किया गया था। गर्भ गृह व मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था।
विश्वनाथ धाम में अक्षयवट हनुमान का मना जन्मोत्सव
वाराणसी। विश्वनाथ धाम में कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी पर हनुमान जन्मोत्सव मनाया गया। मध्यरात्रि में लग्नानुसार हनुमत लला को पंचामृत स्नान कराके सिंदूर-चमेली के तेल का लेपन किया गया। तत्पश्चात नूतन वस्त्र धारण कराके गेंदा, गुलाब, कुंद और तुलसी की मालाओं से शृंगार किया गया। लड्डू, फल, पंचमेवा का भोग लगाया गया। महंत रमेश गिरि ने बाबा की महाआरती की। भोर से अक्षयवट हनुमान का दर्शन शुरू हुआ, जो निरंतर चलता रहा। प्रसाद वितरण महंत बच्चा पाठक और सतीश गिरी ने किया।