धनतेरस और दिवाली पर लोगों ने झूमकर खरीदारी की। बाजार में नकदी का प्रवाह तो हुआ ही है, साथ में ई-कारोबार ने भी खूब रफ्तार पकड़ी। यूपीआई, स्वैपिंग के जरिए लोगों ने ई-कॉमर्स कंपनियों को भुगतान किया। न एटीएम जाने की झंझट और न ही भारी मात्रा में साथ नकदी रखने की चिंता। निजी बैंकों के कैशबैक ऑफर से उपभोक्ताओं की बल्ले-बल्ले रहीं। वहीं, ई-कॉमर्स कंपनियों की ओर से भारी छूट, सस्ते सामान के चलते ई-कारोबार 500 करोड़ तक पहुंच गया। पिछले दिवाली की तुलना में दो सौ करोड़ अधिक का ई-कारोबार इस बार हुआ है। इसी का शहर के व्यापारी विरोध कर रहे थे।
महानगर उद्योग व्यापार समिति के अध्यक्ष प्रेम मिश्रा के अनुसार विशेश्वरगंज, मैदागिन, चौक, गोदौलिया, भेलूपुर, सिगरा, महमूरगंज, बाबतपुर रोड, पांडेयपुर, शिवपुर, अर्दली बाजार, लंका, लहुराबीर, मलदहिया, चेतगंज आदि इलाकों में लोगों ने आनलाइन खरीदारी को अधिक तरजीह दी। ई-कॉमर्स कंपनियों ने धनतेरस और दिवाली मिलाकर 500 करोड़ का कारोबार सिर्फ वाराणसी में किया है। सराफा, ऑटोमोबाइल्स, फर्नीचर, बर्तन, सजावट, कपड़े, साड़ी, इलेक्ट्रानिक्स, इलेक्ट्रिक उपकरण आदि अन्य सेक्टर में आनलाइन कारोबार ज्यादा हुआ है। यही कारण रहा कि शहर के अधिकतर एटीएम में लाइन लगाकर किसी को पैसा निकालते हुए नहीं देखा गया।
एक नजर
-शहर में 25 बैंक
-521 शाखा है बैंकों की
-700 से अधिक है एटीएम बूथ
एक नजर
सराफा- 200 करोड़
रियल एस्टेट-100 करोड़
फर्नीचर-50 करोड़
बर्तन-50 करोड़
कपड़ा-साड़ी-50 करोड़
इलेक्ट्रॉनिक्स-70 करोड़
मिठाई समेत अन्य उत्पादों-50 करोड़
(नोट: आंकड़े शहर के प्रमुख व्यापारियों के अनुसार)
पहले से ही अनुमान लगाया गया था कि आनलाइन बाजार 500 करोड़ के पार होगा। इसका एक सर्वे भी कराया गया था। ई-कॉमर्स कंपनियों के चलते खुदरा व्यापारियों को काफी चोट पहुंची हैं।- अखिलेश मिश्रा, प्रदेश महामंत्री, कैंट
यूपीआई, इंटरनेट बैंकिंग और स्वैपिंग के चलते शहर में नकदी की किल्लत नहीं हुई। दुकानदारों और ग्राहकों दोनों के लिए आसानी रही। ई-कॉमर्स कंपनियों ने अच्छा खासा कारोबार किया है। -प्रभात सिन्हा, अग्रणी बैंक प्रबंधक (एलडीएम)