भूतभावन शिव की नगरी सावन के तीसरे सोमवार को केसरिया मय हो उठी। धाम से लेकर आसपास के पांच किलोमीटर के दायरे में कांवड़ियों की बोल-बम और हर-हर महादेव के जयकारे ही गूंज रहे थे।
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देर शाम तक ढाई लाख से अधिक शिवभक्तों ने बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया और महादेव के अर्धनारीश्वर स्वरूप का दर्शन पूजन कर सर्वमंगल की कामना की। सोमवार को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए आधी रात से ही कांवड़ियों की कतार लग गई थी।