वाराणसी के मणिकर्णिका घाट के ठीक सामने गंगा पार सतुआ बाबा की गोशाला में संत मोरारी बापू की राम कथा के लिए भव्य मंडप तैयार कर लिया गया है। मणिकर्णिका श्मशान, शिवलिंग और हनुमान जी की अनुकृति वाले व्यासपीठ सेबापू 21 से 29 अक्तूबर तक रामकथा सुनाएंगे। इस ‘मानस मसान’ में देश-विदेश से 40 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।
डोमरी में करीब 15 बीघा क्षेत्रफल में मोरारी बापू की राम कथा के लिए पंडाल और आवासीय परिसर बनाए गए हैं। कथा मंच 60 फीट लंबा और 40 फीट चौड़ा होगा। इस मंच को पूरी तरह अनादि तीर्थ मणिकर्णिका महाश्मशान का रूप दिया गया है। जिस मंच पर बापू कथा सुनाएंगे, उसे देखने के बाद कथा प्रेमियों को एहसास होगा कि जलती चिताओं के बीच मानस कथा हो रही है।
यह जानकारी मंगलवार की शाम डोमरी में कथा संयोजक मिराज ग्रुप के चेयरमैन मदन पालीवाल और महामंडेलश्वर संतोष दास सतुआ बाबा ने पत्रकारों से बातचीत में दी। कथा की तैयारियों के बारे में पालीवाल ने बताया कि कथा प्रेमियों के लिए 600 फीट लंबा और 235 फीट चौड़ा विशाल वाटर और फायर प्रूफ पंडाल होगा। श्रद्धालुओं के लिए 100 से अधिक होटलों में 2200 से अधिक कमरे बुक कराए गए हैं।
इसके अलावा कथा स्थल के पास में 200 से अधिक प्रसाधन बनाए गए हैं। इसमें अटैच टॉयलेट और बेसिन भी है। 1200 से ज्यादा ट्यूबलाइट, 650 पंखे, 200 कूलर लगाए गए हैं। गुजरात से 1500 से ज्यादा रसोइए भी आएंगे। कथा में आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए फ्री भोजन की व्यवस्था रहेगी। इसके लिए 150 लोगों की टीम अलग से लगाई गई है।
500 स्वयं सेवक सुरक्षा के तौर पर कथा स्थल पर लगाए जाएंगे। तीन बड़े पंडालों में पहला साधु-संतों के लिए, दूसरा सुरक्षा गार्ड और पुलिस के जवानों के लिए और तीसरा भोजन व्यवस्था के लिए होगा।संत मोरारी बापू 21 अक्तूबर को काशी पहुंचेंगे।
- कथा स्थल पर पहुंचने के लिए 100 से ज्यादा नावें अलग-अलग घाटों पर लगाई जाएंगी
- कैंट से श्रद्धालुओं के लिए टेंपो की भी मिलेगी सुविधा
- गंगा तट से कथा स्थल तक चेकर प्लेट बिछा दिया गया है, ताकि गाड़ियां बालू में फंसने ना पाएं।