मुहर्रम का चांद नजर नहीं आया और अब मोहर्रम 11 अगस्त से शुरू होगा। वहीं, दसवां मोहर्रम 20 अगस्त को मनाया जाएगा। कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार घरों और इमामबाड़ों में ही सभी आयोजन हाेंगे। शहर के कई इलाकों में इस्तकबाल ए अजा की मजलिसें भी शुरू हो गईं।
शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता हाजी फरमान हैदर ने बताया कि चांद की तस्दीक कहीं से नहीं हुई। इसलिए 1443 वीं हिजरी का आगाज 11 अगस्त से होगा। शहर भर में मस्जिदों का सिलसिला सोमवार से ही शुरू हो गया। इमामबाड़ों में इस्तकबाल ए अजा की मजलिसें हुईं। क्षेत्र की 28 अंजुमन ने अपने-अपने क्षेत्रों में गम ए हुसैन के सिलसिले से मजलिसों का आयोजन किया।
पहली मोहर्रम से इमाम चौक पर चिराग रौशन किए जाएंगे। इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों के नाम से फातिहा होगी। ताजिया नहीं रखा जाएगा, लेकिन उनका हुसैनी परचम लहराया जाएगा। इस दौरान रामनगर, बजरडीहा, गौरीगंज शिवाला, भेलूपुरा, मदनपुरा, चौक, दालमंडी, नई सड़क, लल्लापुरा, पितरकुंडा, कालीमहल, शिवपुर, अर्दली बाजार, दोषीपुरा, नक्खीघाट, राजापुरा, कच्चीबाग, मुकीमगंज, चौहट्टा लाल खां, पठानी टोला, बड़ी बाजार में मजलिसें हुईं।