जिलहिज्जा का चांद बृहस्पतिवार को देखा गया। ऐसे में ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व 10 जुलाई को मनाया जाएगा। चांद का एलान नई सड़क स्थिति लंगड़े हाफिज की मस्जिद में चांद कमेटी की हुई बैठक में की गई।
बाद नमाजे मगरिब मस्जिद में इज्तेमाई रुइयते हेलाल कमेटी की बैठक सूफी हजरत मौलाना जकीउल्लाह असदुल कादरी की सदारत में हुई। जिसमें मुल्क के कई हिस्सों में जिलहिज्जा का चांद देखे जाने और कई चांद कमेटियों के जिम्मेदारानों से हुई गुफ्तगू के बाद कमेटी ने चांद होने का एलान किया। ऐसे में शुक्रवार एक जुलाई को चांद की पहली तारीख होगी और बकरीद का त्योहार 10 जुलाई रविवार को मनाया जाएगा। बैठक में कमेटी के कन्वीनर मुहम्मद अशरफ एडवोकेट, मुफ्ती-ए-शहर मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी, मुफ्ती हारून रशीद नक्शबंदी, मौलाना जियाउर्रहमान, मौलाना अब्दुल्लाह नासिर, मौलाना मुहम्मद यूनुस और मौलाना अब्दुल मतीन आदि की मौजूदगी रही। उधर, शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता हाजी सैयर फरमान हैदर ने भी जिलहिज्जा का चांद होने का एलान किया है।