कई बार उड़ी थी सपा में जाने की अफवाहें
मार्च 2017 के विधानसभा चुनाव में वंदना सिंह ने सगड़ी विधानसभा से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था। सपा के प्रत्याशी जयराम सिंह पटेल को हराकर विधायक चुनी गईं। पिछले एक साल से उनकी सपा में जाने की अफवाहें कई बार उड़ चुकी है। बार-बार उनकी सपा से नजदीकियों की चर्चाएं हो रही थी, लेकिन विधायक वंदना सिंह ने इनको सिरे से खारिज करती रहीं।
विधायक वंदना सिंह के पति सर्वेश सिंह उर्फ सीपू वर्ष 2007 में सपा के टिकट पर चुनाव लड़े और बसपा के मलिक मसूद को हराकर विधायक चुने गए थे। वर्ष 2010 में उन्होंने बसपा ज्वाइन कर ली। 2012 का विधानसभा चुनाव बसपा के टिकट पर सर्वेश सिंह लड़े। सपा प्रत्याशी दुर्गा प्रसाद से हार गए। उनके भाई संतोष सिंह उर्फ टीपू सिंह सगड़ी विधानसभा से बसपा के टिकट पर लड़े और सपा प्रत्याशी अभय नारायण पटेल से हार गए।
19 जुलाई 2013 को पूर्व विधायक सर्वेश सिंह सीपू की उनके आवास के सामने बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसमें कुख्यात ध्रुव सिंह उर्फ कुंटू सिंह सहित कई लोग आरोपी बनाए गए हैं। वंदना सिंह के ससुर रामप्यारे सिंह वर्ष 1996 में सपा के टिकट से सगड़ी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़े और बसपा के बरखूराम वर्मा को हराकर विधायक चुने गए थे।
वर्ष 2002 का विधानसभा चुनाव सपा के टिकट पर लड़े। बसपा के प्रत्याशी मलिक मसूद से 540 वोटों से हार गए। वर्ष 2003 में बसपा की सरकार गिर गई तो समाजवादी पार्टी से वर्ष 2003 में एमएलसी चुने गए। रामप्यारे सिंह को कैबिनेट मंत्री बनाया गया था।