अनाथ हुए बच्चों अमित व आकाश का स्पॉन्सर योजना के तहत फॉर्म भरते हुए।
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15 की मौत... लाशें गायब करने की उड़ी अफवाह, दो बार लगाया जाम
दुर्घटना के बाद क्षत-विक्षत शव और वाहन के इधर-उधर बिखरे हिस्से बता रहे थे कि हादसा कितना भयावह रहा होगा। इसी बीच अफवाह फैली की हादसे में 17-18 लोग मर गए हैं। फिर 15 की चर्चा होने लगी। मौके पर पहुंची पुलिस ने बचाव कार्य शुरू किया तो लाशें छिपाने के आरोप भी लगे।
एक बार स्थानीय ग्रामीणों ने हाईवे जाम करने का प्रयास किया, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रियता पर कुछ मिनट बाद ही जाम खुलवा दिया गया।
सुबह फिर मिर्जामुराद से आए परिजनों ने घटनास्थल के समीप जाम लगा दिया। इससे हाईवे के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। परिजनों का कहना था कि पुलिस मरने वालों की संख्या छिपा रही है, लाशें गायब कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाया। मौके पर पहुंचे एसडीएम गुलाब चंद्र और सीओ अमर बहादुर ने प्रशासनिक मदद का भरोसा दिलाया। इसके बाद लोगों ने जाम खोला।
बेटे की मौत की खबर सुनते आंसुओं से भर गईं पिता की आंखें।
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जूते-मोजे उतारकर नाले में उतरे पुलिसकर्मी, तीन की जान बचाई
हादसे की सूचना पर जब पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां सड़क पर मानव अंग बिखरे पड़े थे। सड़क किनारे नाले में वाहन के नीचे कई लोग दबे थे। कुछ शवों के अंग कटे पड़े थे। घटनास्थल पर भीड़ ज्यादा थी। पुलिसकर्मियों ने राहत बचाव कार्य की जिम्मेदारी संभाली। क्षत-विक्षत शवों को एकत्रित कर उन्हें संरक्षित किया गया।
जूता-मोजा उतार कर कई पुलिसकर्मी नाले में उतर गए। वहां दबे लोगों को बाहर निकाला। पुलिस कर्मियों की सक्रियता से तीन लोगों की जान बच पाई। वहां मौजूद लोगों ने जब यह नजारा देखा तो वह भी आगे आकर पुलिसकर्मियों की मदद करने लगे।
समय से आ जाती क्रेन तो बच सकती थीं कुछ और जानें
दुर्घटना के बाद कई लोग वाहनों के नीचे दबे थे और उनके कराहने की आवाज आ रही थी। पुलिस और स्थानीय लोगों ने उनको निकालने का प्रयास किया मगर सफलता नहीं मिल पाई। गोपीगंज से क्रेन के पहुंचने से पहले उनकी सांसें थम चुकी थीं। लोगों में चर्चा थी कि अगर समय से क्रेन मिल जाती तो शायद कुछ और लोग जिंदा बच जाते। ट्रैक्टर के पीछे लगे मिक्सर के नीचे दबे लोगों को बचाया नहीं जा सका।
ट्रैक्टर और मिक्सर के उड़े परखचे
ट्रक की टक्कर से ट्रैक्टर और मिक्सर के परखचे उड़ गए थे। ट्रैक्टर के आगे के दोनों पहिये बाहर निकल गए थे। बाइक भी नाले में पड़ी थी। हाईवे की सेफ्टी रेलिंग भी करीब 10 मीटर तक टूटी थी। रोड लाइट का पोल भी टूट गया था। सड़क पर वाहन के घिसटने के निशान नजर आ रहे थे।