घाट, ऑडिटोरियम और मंदिर विकास की परियोजनाएं बनेंगी आकर्षण का केंद्र
कैंट विधानसभा क्षेत्र स्थित सती माई मंदिर, प्राचीन रामबाग मंदिर, रोहनिया का प्राचीन शिवधाम मंदिर, पिंडरा स्थित पौहारी बाबा मंदिर, निर्माण दास बाबा कुटी और भगवान राम-जानकी महावीर मंदिर का विकास शामिल है। इसके अलावा शिवपुर स्थित सराय मोहनाघाट पर लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत से स्थायी घाट निर्माण, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में लगभग 17 करोड़ रुपये की लागत से एक हजार क्षमता वाले ऑडिटोरियम का निर्माण और परंपरा केंद्र के विकास जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। वाराणसी के प्रमुख व ऐतिहासिक स्थलों पर साइनेज स्थापित किए जाने का प्रस्ताव भी शामिल है।