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कोर्ट का फैसला: बाल यौन शोषण और अश्लील सामग्री के मामले में दोषी को उम्रकैद, सीबीआई की विवेचना के बाद सजा

Fri, 31 Jul 2026 10:04 AM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

बाल यौन शोषण और अश्लील सामग्री के मामले में दोषी को उम्रकैद हुई। साथ ही अदालत ने आरोपी पर कुल 2.80 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। 70 प्रतिशत राशि पीड़िता को प्रतिकर के रूप में देने का आदेश दिया है। 
 
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Court - फोटो : Freepik
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विस्तार
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बाल यौन शोषण और बच्चों से संबंधित अश्लील सामग्री के प्रसारण के बेहद गंभीर मामले में वाराणसी की विशेष पॉक्सो अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नितिन पांडेय की अदालत ने सीबीआई की ओर से विवेचित मामले में आरोपी रवि कुमार पटेल निवासी मढ़वां लमही तत्कालीन थाना कैंट को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने आरोपी पर कुल 2.80 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। 70 प्रतिशत राशि पीड़िता को प्रतिकर के रूप में देने का आदेश दिया है। 

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मामला सीबीआई की ओर से विवेचित सीबीआई, एससी-III, नई दिल्ली से संबंधित है। अदालत ने आरोपी को 376 और 506, पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट की धारा 67-बी के तहत दोषी पाया। विशेष लोक अभियोजक संतोष कुमार सिंह के मुताबिक, सीबीआई नई दिल्ली को मिली विश्वसनीय सूचना के आधार पर 27 जून 2022 को आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 67-बी के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। 

विवेचना आगे बढ़ने पर मामले में बाल यौन शोषण से संबंधित अश्लील सामग्री के इलेक्ट्रॉनिक रूप से संग्रह और प्रसारण के साथ ही दुष्कर्म और धमकी देने जैसे गंभीर आरोप भी सामने आए। मामले को साबित करने के लिए अभियोजन पक्ष की ओर से 11 गवाह पेश किए गए। इनमें पीड़िता, उसकी मां, बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष, बैंक अधिकारी, सीबीआई के विवेचक निरीक्षक रॉबिन सिंह, रिलायंस जियो के नोडल अधिकारी और फॉरेंसिक साइंस विशेषज्ञ शामिल रहे। 

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अभियोजन ने गवाहों के बयानों के साथ इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल साक्ष्यों और वैज्ञानिक जांच से जुड़े दस्तावेज अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए। अदालत ने पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत आरोपी को शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक आजीवन कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। 

इसके अलावा पॉक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत 20 साल के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड समेत अन्य धाराओं में भी कठोर सजा सुनाई गई। आईपीसी की धारा 506 के तहत छह महीने के कारावास का भी आदेश दिया गया। अदालत ने सभी सजाएं साथ-साथ चलाने का निर्देश दिया है।

अश्लील वीडियो की जांच सीबीआई ने की 
पीड़िता वाराणसी की थी। घटना के समय उम्र 14 साल थी। आरोपी ने उसका वीडियो बना लिया। वीडियो के सहारे दुष्कर्म किया। अश्लील वीडियो को सोशल प्लेटफॉर्म पर बेचा। इस तरह की शिकायत सामने आने के बाद सीबीआई ने मामले की जांच शुरू की। आरोपी को ट्रेस किया, इसके बाद कैंट थाने में आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई। विवेचना, गवाह और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही सख्त टिप्पणी की।
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अदालत ने फैसले में कहा
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि ऐसे जघन्य अपराधों में कठोर दंड दिया जाना आवश्यक है, ताकि समाज में स्पष्ट संदेश जाए और ऐसे अपराधों में शामिल अन्य लोगों को भी कड़ा संदेश मिले। न्यायालय ने जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि बच्चों को लैंगिक अपराधों से बचाने के लिए विद्यालयों और सामाजिक स्तर पर जागरूकता फैलाने की प्रभावी कार्ययोजना सुनिश्चित की जाए।
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