अभियोजन ने गवाहों के बयानों के साथ इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल साक्ष्यों और वैज्ञानिक जांच से जुड़े दस्तावेज अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए। अदालत ने पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत आरोपी को शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक आजीवन कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
इसके अलावा पॉक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत 20 साल के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड समेत अन्य धाराओं में भी कठोर सजा सुनाई गई। आईपीसी की धारा 506 के तहत छह महीने के कारावास का भी आदेश दिया गया। अदालत ने सभी सजाएं साथ-साथ चलाने का निर्देश दिया है।