बुधवार को इन दोनों अधिकारियों के साथ ही आजमगढ़ के सीडीओ आईएएस देवी शरण उपाध्याय के हरवंशपुर स्थित आवास पर सीबीआई की टीम ने छापेमारी की। सुबह साढ़े सात बजे पहुंची टीम ने आठ घंटे तक आवास पर सर्च करने के साथ ही दस्तावेज खंगाले।
इस दौरान सीडीओ आवास का गेट बंद रहा। छह सदस्यीय टीम के लिए बाहर से खाना भी मंगवाया गया। शाम 3 बजकर 50 मिनट पर टीम छापेमारी पूरी कर वापस लौट गई। इस दौरान मीडियाकर्मियों ने उनसे बात करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।
विश्वस्त सूत्रों की मानें तो सीडीओ के आवास से 10 लाख रुपये से ज्यादा की नगदी को टीम ने जब्त कर लिया। इसके साथ ही प्रापर्टी और अन्य दस्तावेज भी अपने साथ ले गई। छापेमारी को लेकर पूरे दिन जनपद में हड़कंप की स्थिति बनी रही। सभी अधिकारियों के फोन घनघनाते रहे। एक-दूसरे से फोनकर जानकारी लेते रहे।
बता दें कि इसके पहले खनन घोटालों से जुड़े हुए मामले पर ही आईएएस बी चंद्रकला के लखनऊ और दिल्ली स्थित ठिकानों पर सीबीआई ने छापेमारी की थी। हमीरपुर में डीएम रहते हुए बी चंद्रकला पर सपा एमएलसी रमेश मिश्रा सहित कुल 10 लोगों के साथ मिलकर अवैध खनन का आरोप है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर जांच में जुटी सीबीआई ने जनवरी 2019 को उनके अलावा अन्य आरोपियों के ठिकानों पर सीबीआई ने छापेमारी की थी।
सपा सरकार के समय का है मामला :
उत्तर प्रदेश में सीबीआई ने बुलंदशहर के डीएम अभय सिंह के आवास समेत 12 जगहों पर छापेमारी की। यह छापेमारी अवैध खनन के मामले में हुई है। अभय सिंह सपा सरकार में फतेहपुर के डीएम थे। लखनऊ में आईएएस अधिकारी विवेक कुमार के घर पर भी छापा पड़ा।
विवेक देवरिया जिले में डीएम के पद पर रह चुके हैं। वर्तमान में लखनऊ में तैनाती है। कहा जा रहा है कि इस दौरान आईएएस देवीशरण उपाध्याय की देवरिया जिले में तैनाती थी। इन लोगों पर खनन पट्टों में हेराफेरी का आरोप है।
हाल ही में आईएएस बने थे सीडीओ :
जनपद में सीडीओ बनकर आए पीसीएस डीएस उपाध्याय का लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के दौरान ही आईएएस के पद पर पदोन्नत हुए थे। बताया जाता है कि वह सीएम योगी के करीबी भी हैं। जिस वक्त खनन घोटाला हुआ था उस समय डीएस उपाध्याय देवरिया में एडीएम थे। पदोन्नत होने के बाद उन्हें अपनी पोस्टिंग का इंतजार था। लेकिन पोस्टिंग लेटर आने से पहले ही सीबीआई ने दस्तक दे दी।