वाराणसी में महापौरों का स्वागत
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काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण समारोह पर आयोजित मेयर सम्मेलन में शुक्रवार को पुणे और सूरत के महापौर अपने शहरों में सफाई और जन सहभागिता के प्रयासों पर प्रस्तुतीकरण देंगे। इसके साथ ही नगरीय विकास के विभिन्न विषयों पर महापौर के पांच समूहों द्वारा अलग-अलग विमर्श किया जायेगा तथा समूह चर्चा की जाएगी।
इस प्रदर्शनी में उत्तर प्रदेश एवं भारत सरकार के नगरीय विकास से सम्बंधित उत्कृष्ट उपलब्धियों की झलक विभिन्न मॉडल एवं ऑडियो विजुअल कंटेंट के माध्यम से प्रदर्शित की जाएंगी। यह प्रदर्शनी 18 व 19 तक आम जनता हेतु खुली रहेगी। 4800 से ज्यादा निकायों के अध्यक्ष, पार्षद वर्चुअल माध्यम से इस कार्यक्रम में जुड़ेंगे।
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पुणे महानगर पालिका ने पिछले तीन साल में जन सहभागिता से स्वच्छता में अमूलचूल बदलाव किया है। 22 मीट्रिक टन कचरा निकलने वाले शहर में एक किलो भी कचरा डंप नहीं किया जाता। कचरे को विभिन्न माध्यमों से प्रोसेस कर उसका रीयूज किया जाता है।
पुणे के मेयर मुरलीधर मोहोल ने बताया कि दो बार शहर में ऐसा अभियान चला कि हजारों लोग सड़कों पर उतरे और प्लास्टिक मुक्त शहर का सपना साकार किया। कचरे से हमने 14 मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू कर दिया है। हमारे कुछ साल के प्रयासों पर तैयार प्रस्तुतीकरण 17 दिसंबर को देश के सामने करूंगा।
सम्मेलन में आने वाले सभी मेहमानों का कोरोना रिपोर्ट अनिवार्य किया गया है। सम्मेलन में आवास और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा न्यू अर्बन इंडिया थीम का प्रस्तुतीकरण और लघु फिल्म का प्रदर्शन किया जाएगा, जबकि नगर विकास विभाग द्वारा नगरीय विकास पर लघु फ़िल्म का प्रस्तुतीकरण किया जाएगा।
इसके अलावा वाराणसी एवं स्मार्ट सिटी वाराणसी की ओर से भी एक फिल्म तैयार कराई गई है। इधर नगर आयुक्त प्रणय सिंह ने बताया कि तीन दिन के सम्मेलन को लेकर अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई है।